Fact Check: गोरखपुर के छह महीने पुराने वीडियो को नोएडा प्रदर्शन से जोड़कर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
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Fact Check: गोरखपुर के छह महीने पुराने वीडियो को नोएडा प्रदर्शन से जोड़कर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

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उत्तर प्रदेश के नोएडा में कर्मचारियों की तरफ से न्यूनतम वेतन को बढ़ाने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग पुलिस के गाड़ी पर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नोएडा प्रदर्शन का है। 

 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो छह महीने पुराना और गोरखपुर का है। 


 

क्या है दावा


 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि लोग पुलिस के गाड़ी पर पत्थर फेंक रहे हैं। 

आई.पी सिंह (@IPSinghSp) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,’यह कश्मीर मणिपुर नहीं ” है नोएडा दिल्ली से सटा हुआ। इसके लिए नौकरशाही में परिवारवाद जिम्मेदार है।दर्जनों जिले हैं जहां CM के जाति विशेष के अफसर 9 वर्षो से DM और SSP की टॉप पोस्टिंग पर हैं। उनका कमाऊ जिला बदलता है पोस्टिंग नहीं बदलती। नोएडा में बलवा आगजनी का एक कारण यह भी है।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें न्यूज18 की रिपोर्ट मिली। यहां हमें वायरल वीडियो देखने को मिला। यह रिपोर्ट 21 अक्तूबर 2025 प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है ‘गोरखपुर में उपद्रवियों ने पुलिस के वाहन पर पथराव कर दिया। घटना का वीडियो सामने आया है। कई उपद्रवी बेखौफ होकर पत्थरबाजी करते देखे जा सकते हैं। महिलाओं ने भी पुलिस वाहन पर ईंट-पत्थर बरसाए। बाद में पुलिस के एक्शन में आने पर मौके से भागे। पुलिस ने आधा दर्जन उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। कहा जा रहा है कि युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने पथराव कर दिया।’


 

 

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला की न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमेंं एक रिपोर्ट मिली। यहां हमें वायरल वीडियो का एक कीफ्रेम देखने को मिला। यह रिपोर्ट 23 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हनुमान चौहान की मौत के बाद मंगलवार शाम नौसड़ चौराहे पर हालात बेकाबू हो गए। हंगामे के दौरान पथराव हुआ तो सड़क किनारे खड़े एक मिनी पुलिस ट्रक में कई पुलिसकर्मी घुस गए। दरवाजा बंद कर अंदर छिप गए। भीड़ लगातार ट्रक पर पत्थर बरसाती रही। ट्रक चालक ने वाहन स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन इंजन बंद होने के कारण गाड़ी नहीं चली। इस बीच गुस्साई भीड़ ने ट्रक को घेर लिया और उस पर लाठी-डंडे और पत्थर बरसाने लगी। कई ईंट-पत्थर लगने के बाद चालक ने दरवाजा खोलकर भागकर अपनी जान बचाई। 


 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को छह महीना पहले गोरखपुर का पाया है।



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