हाल ही में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध असलहे और कारतूस रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हकीम सलाऊद्दीन के रूप में हुई है। दरअसल, मलिहाबाद के मिर्जागंज गांव में थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हकीम के मकान में अवैध असलहा फैक्टरी चल रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात छापा मार दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में जमीन पर बड़ी तदाद में हथियार दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये हथियार लखनऊ पुलिस ने हकीम सलाऊद्दीन के घर से बरामद किए हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो 2021 का है। दरअसल, चार साल पहले तालिबान ने अफगानिस्तान में अमेरिका निर्मित हथियारों को जब्त किया था। वीडियो के साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि हकीम सलाऊद्दीन के घर से 3000 बंदूकें, 50,000 कारतूसों से भरे 20 बोरे और डॉलर बरामद हुए। हमने इस दावे को भी गलत पाया है। हमने पाया है कि सलाऊद्दीन के घर से करीब 3 बंदूक, दो देशी पिस्तौल एक राइफल (.22 बोर) और सात एयरगन बरामद की गईं।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो हकीम सलीउद्दीन के घर से बरामद हथियार का है।
रुद्राक्ष (@manamuntu) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “लखनऊ में हकीम सलाऊद्दीन के घर से 3000 बंदूकें, 50,000 कारतूसों से भरे 20 बोरे और डॉलर बरामद हुए।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें सऊदी के सरकारी टीवी चैनल अल अरेबिया की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 22 अगस्त 2021 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में हमें वायरल वीडियो देखने को मिला। रिपोर्ट में बताया गया है कि तालिबान ने महीनों तक चले लंबे अभियान के बाद आसानी से देश पर नियंत्रण कर लिया। इसके साथ तालिबान ने अफगान सशस्त्र बलों से भारी मात्रा में हथियार, उपकरण और युद्ध सामग्री जब्त कर ली। इनमें से अधिकांश हथियार को पिछले दो दशकों से वाशिंगटन ने अफगान सरकार के लिए भेजा था।
आगे की पड़ताल में हमें विओन की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 20 अगस्त 2021 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में वायरल वीडियो का कुछ हिस्सा देखने को मिला। रिपोर्ट में बताया गया है कि अफगान सरकारी बलों की हार के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान में अरबों डॉलर के अमेरिकी आपूर्ति वाले सैन्य उपकरण जब्त कर लिए हैं। अमेरिका में बने इन सामानों के साथ तालिबान लड़ाकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
यहां से साफ होता है कि वायरल वीडियो करीब चार साल पुराना है, जिसे सलाऊद्दीन मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
आगे सलाऊद्दीन के घर से कितने हथियार बरामद हुए है। इसकी पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 30 जून 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है पुलिस ने बताया कि सलाहुद्दीन ने अपने घर से अवैध हथियार बनाने और बेचने की बात कबूल की है। बाद में उसके घर से तीन पिस्तौल (.32 बोर), एक देशी पिस्तौल (.315 बोर), दो देशी पिस्तौल (.22 बोर), एक राइफल (.22 बोर) और सात एयरगन बरामद की गईं।
इसके बाद हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 27 जून 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि एडीसीपी जितेंद्र दुबे के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह घर पर अवैध असलहे बनाता था। घर के बगल में बने सिनेमा हॉल के कंपाउंड में असलहे छिपाकर रखे थे। उसके पास से तीन पिस्टल, एक तमंचा, दो देशी तमंचा, एक रायफल, सात एयर गन, 118 कारतूस, 41 खोखा, छह बांका, दो छूरी, नौ फरसा और गड़ासे, अवैध शस्त्र तैयार करने के उपकरण और हिरन की खाल मिली है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। हमने पाया कि चार साल पुराने वीडियो को सलाऊद्दीन मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। इसके साथ ही हमने सलाऊद्दीन के घर से बरामद हथियार के संख्या को गलत पाया है।








