सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में मोहम्मद अली जिन्ना सोफे पर बैठे हुए हैं। उनके अगल बगल दो लोग बैठे हुए हैं। सोफे के पीछे भी कुछ लोग खड़े हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि जिन्ना के दाईं ओर जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी बैठे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि जिन्ना के बगल में बैठे दोनों लोगों में से कोई भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं है। जिन्ना के बाई ओर बैठे व्यक्ति पाकिस्तान के दूसरे प्रधानमंत्री ख्वाजा नजीमुद्दीन हैं। इसके साथ ही दाएं और बैठे सर सिकंदर हयात खान हैं। ख्वाजा नजीमुद्दीन को श्यामा प्रसाद मुखर्जी बताकर शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
जिन्ना के साथ कुछ लोगों की एक तस्वीर को शेयर किया जा रहा है। इस तस्वीर में उनके दाहिने और बैठे व्यक्ति को श्यामा प्रसाद मुखर्जी बताया जा रहा है। बिनोद_सैकिया_इंडियन नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट ने इस तस्वीर को शेयर करके लिखा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी और जिन्ना एक साथ!! यह #RSS #BJP के दोहरे रवैये का एक बहुत ही दुर्लभ फोटो सबूत है। BJP के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और उनकी हिंदू महासभा ने बंगाल, सिंध और NWFP में जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन सरकारें बनाईं। वह AK फजलुल हक के तहत बंगाल के वित्त मंत्री बने, ‘जब’ हक ने 1940 में पाकिस्तान की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया था।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां भी देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां भी देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां भी देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें स्टॉक इमेज वेबसाइट गेटी इमेज पर भी यह तस्वीर देखने को मिली। इस तस्वीर को यहां 2017 में प्रकाशित किया गया था। इस तस्वीर के साथ लिखा गया था “पाकिस्तानी नेता 1947: मोहम्मद अली जिन्ना (बीच में), सर सिकंदर हयात खान (दाएं), सर नजीमुद्दीन (बाएं) लियाकत अली खान के साथ”
आगे हमें फ्रंटलाइन की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल हो रही तस्वीर मौजूद थी। इस तस्वीर के बारे में बताया गया था कि “लाहौर में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की वर्किंग कमेटी की मीटिंग में एम.ए. जिन्ना के साथ सर निज़ाम-उद-दीन (बंगाल सरकार के गृह मंत्री) और सर सिकंदर हयात खान (पंजाब के प्रीमियर) मौजूद थे।”
सर नजीमुद्दीन जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी बताया जा रहा है वे भारत के विभाजन से पहले बंगाल सरकार में गृह मंत्री थे। विभाजन के बाद सर नजीमुद्दीन पाकिस्तान के दूसरे प्रधानमंत्री चुने गए थे।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि जिन्ना की वायरल हो रही तस्वीर में उनके साथ श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं बैठें हैं।








