सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में दिख रहा है कि एक व्यक्ति द्वारा औपचारिक संसदीय सेटिंग में एक अधिकारी पर हमला किया जा रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह हमला इस्राइल के लिए अधिकारी के समर्थन के जवाब में किया गया था।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। वीडियो की जांच करने पर पाया गया कि यह अप्रैल 2024 का वीडियो है, जिसमें जॉर्जिया की संसद में हाथापाई दिखाई गई है। यह घटना एक विवादास्पद “विदेशी प्रभाव” विधेयक को फिर से पेश करने पर एक सत्र के दौरान हुई, जिसके बारे में आलोचकों का कहना है कि यह रूसी शैली के कानून जैसा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि संसद में जो व्यक्ति भाषण दे रहा है वह इस्राइल के समर्थन में बोल रहा है। इस्राइल का समर्थन करने के लिए उस पर हमला किया गया है।
आयशा माजिद खान (@Ayesha786Majid) नाम के एक एक्स अकाउंट से वीडियो को पोस्ट करके लिखा “जो भी इस्राइल का समर्थन करें बस उसके साथ ऐसा ही करना चाहिए” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें 16 अप्रैल 2024 का एक एक्स पोस्ट मिला। इसे रूसी भाषा के कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। कैप्शन में लिखा गया था “जॉर्जिया में विपक्ष विदेशी एजेंटों पर कानून को अपनाने से रोकने की कोशिश कर रहा है। संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहा है, और संसद में ही, जॉर्जियाई ड्रीम के नेताओं में से एक, मामुका मदीनार्देज़, जिन्होंने विदेशी एजेंटों पर विधेयक को सांसदों के विचार के लिए प्रस्तुत करने का प्रयास किया, विपक्षी पार्टी सिटिज़न्स के नेता अलेको एलिसाशविली ने उनके सिर पर वार किया, जिसके बाद उन्हें पीटा गया।”
आगे सर्च करने पर हमें द आयरिश सन पर इस वीडियो से जुड़ी हुए एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट को 15 अप्रैल 2024 को प्रकाशित किया गया था। द सन एक ब्रिटिश टैब्लॉयड समाचार पत्र है, जो न्यूज यूके के न्यूज ग्रुप न्यूजपेपर्स प्रभाग द्वारा प्रकाशित किया जाता है। द आयरिश सन इसी का एक भाग है। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “ यह झड़प तब हुई जब सत्तारूढ़ पार्टी ने “विदेशी एजेंटों” पर एक विवादास्पद विधेयक को आगे बढ़ाने की कोशिश की, जिसकी पश्चिमी देशों ने आलोचना की है। जॉर्जियाई टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में सत्तारूढ़ जॉर्जियाई ड्रीम पार्टी के नेता मामुका मदीनार्देज़ को डिस्पैच बॉक्स से बोलते हुए दिखाया गया। विपक्षी नेता एलेको एलीसाश्विली ने मदीनार्देज़ पर हमला किया, जिससे वह गिर गए। इसके बाद एलीसाश्विली ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर हमला करना जारी रखा, जबकि अन्य सांसद झड़प में शामिल हो गए। पूरे कमरे से सांसद अराजकता में कूद पड़े, हाथापाई करते रहे, जबकि कुछ ने घायल मदीनार्देज़ को सुरक्षित निकालने की कोशिश की।”
आगे हमने विदेशी एजेंट (foreign agents) बिल के बारे में जानने की कोशिश की। यहां हमें काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस पर इसके बारे में एक रिपोर्ट मिली। काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस एक अमेरिकी थिंक टैंक है जो अमेरिकी विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर केंद्रित है। इस रिपोर्ट से हमें पता चला कि “फॉरेन एजेंट लॉ 1 अगस्त को लागू किया गया है। इस कानून के तहत उन एनजीओ को आधिकारिक तौर पर खुद को पंजीकृत कराना होगा जो विदेश से 20 प्रतिशत या उससे अधिक धन प्राप्त करते हैं। यह जॉर्जिया में लगभग छब्बीस हज़ार एनजीओ में से कई को प्रभावित करेगा, एशियाई विकास बैंक की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्जियाई नागरिक समाज संगठनों को 90 प्रतिशत से अधिक धन विदेश से प्राप्त होता है। 1 सितंबर तक पंजीकरण न कराने पर 9,300 डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अप्रैल 2024 में सत्तारूढ़ जॉर्जियाई ड्रीम पार्टी द्वारा कानून को फिर से पेश किया गया था, क्योंकि 2023 में सार्वजनिक आक्रोश के कारण इसका पहला संशोधन संसद में आगे नहीं बढ़ पाया था। 17 मई को, यह जॉर्जिया की 150 सदस्यीय संसद में 84-4 मतों से पारित हुआ, जिसमें लगभग सभी विपक्षी सांसदों ने भाग नहीं लिया। दो सप्ताह से भी कम समय बाद, संसद के बहुमत ने राष्ट्रपति सैलोम ज़ुराबिचविली द्वारा विधेयक पर वीटो को खारिज कर दिया, जिनका किसी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। विपक्षी सांसदों ने घोषणा की है कि वे इसे अदालत में चुनौती देंगे।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2024 में जॉर्जिया के फॉरेन एजेंट लॉ से संबंधित है। इसका इस्राइल से संबंध बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।








