Fact Check: झूठा है भारत के राफेल तबाह होने के बाद इंडोनेशिया द्वारा डील रद्द करने का दावा, पढ़ें पड़ताल
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Fact Check: झूठा है भारत के राफेल तबाह होने के बाद इंडोनेशिया द्वारा डील रद्द करने का दावा, पढ़ें पड़ताल

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भारत और पाकिस्तान के बीच चले सघंर्ष में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। हार के बाद से  पाकिस्तान आए दिन नया झूठ गढ़ने की कोशिश में है। हाल ही में पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट नया झूठ फैला रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सघंर्ष के दौरान पाकिस्तान ने भारत के राफेल को मार गिराया है। इसके कारण इंडोनेशिया ने फ्रांस से राफेल खरीदने की योजना को रद्द कर दिया है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि डसॉल्ट एविएशन की तरफ से 2026 की शुरुआत तक इंडोनेशिया को 42 राफेल की पहली डिलीवरी कर दी जाएगी। साथ ही पाकिस्तान के द्वारा भारत के राफेल गिराने का दावा भी गलत है। 

क्या है दावा

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान की झड़प के बीच इंडोनेशिया ने राफेल के आर्डर रद्द कर दिए है। आरकेएम (@rkmtimes) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “ ब्रेकिंग न्यूज पाकिस्तानी जे-10सी लड़ाकू विमानों द्वारा कई भारतीय विमानों को  मार गिराए जाने के बाद इंडोनेशिया ने कथित तौर पर फ्रांसीसी राफेल जेट विमानों की खरीद रद्द कर दी है”। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह का एक अन्य दावे का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड के माध्यम से इस दावे को सर्च करने की कोशिश की। इस दौरान हमें एक्स पर डसॉल्ट एविएशन की आधिकारिक अकाउंट पर एक पोस्ट मिली। इसमें बताया गया है कि “ हम इंडोनेशिया के तरफ से राफेल की अतिरिक्त मांग के विचार का स्वागत करते हैं। डसॉल्ट एविएशन के चेयरमैन और सीईओ एरिक ट्रैपियर ने घोषणा की है कि पहली डिलीवरी  2026 की शुरुआत में निर्धारित की गई है।

 

आगे हमें रॉयटर्स की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस और इंडोनेशिया ने एक प्रारंभिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे राफेल लड़ाकू जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों सहित फ्रांसीसी सैन्य उपकरणों के नए ऑर्डर मिल सकते हैं।

 

आगे की पड़ताल में हमें द यूरेशियन टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया कि 28 मई को राष्ट्रपति मैक्रों ने संवाददाताओं को बताया कि फ्रांस और इंडोनेशिया ने एक प्रारंभिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो पेरिस से राफेल लड़ाकू जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों सहित सैन्य उपकरणों के नए ऑर्डर का मिल सकता है। 

 

 

यहां से साफ होता है कि इंडोनेशिया ने राफेल के आर्डर को रद्द नहीं किया है। इसके साथ ही  2026 के शुरुआत में ही फ्रांस इंडोनेशिया को पहली राफेल की डिलीवरी करेगा। हमें इंडोनेशिया और फ्रांस के बीच किसी भी राफेल डील के कैंसल होने की कोई जानकारी नहीं मिली है।

 पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में वायरल दावा झूठा निकला है। राफेल की डील फ्रांस और इंडोनशिया के बीच रद्द नहीं हुई है।





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