राजस्थान के चूरू में बुधवार को एक जगुआर प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा इस घटना के जरिए एक नया झूठ फैलाने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर एक कोलाज तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में जगुआर के साथ उसके क्षतिग्रस्त कुछ भाग नजर आ रहे हैं। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चूरू में दुर्घटनाग्रस्त जगुआर विमान एक सीटर है। इसके साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि 7 मई को हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक भारतीय पायलट की मौत हो गई थी। उस पायलट की मौत को भारत जगुआर विमान हादसे में मारे जाने की दावा कर रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि जगुआर विमान दो सीटर था। इसके साथ ही 7 मई ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के किसी भी पायलट की जान नहीं गई है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चूरू हादसे में क्रैश विमान एक सीटर था।
द डेली सीपीईसी (@TheDailyCPEC) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “ बेकिंग: भारत का दावा है कि आज हुए जगुआर (JS159) विमान हादसे में दो पायलटों की मौत हो गई, जबकि यह एक सिंगल-सीट जेट था। इससे पता चलता है कि भारत ने 7 मई को पाकिस्तान के साथ हुई घटना में मारे गए एक पायलट की मौत को भी चुपचाप इसमें जोड़ दिया है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इससे जुड़े कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 10 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राजस्थान के चूरू जिले में जगुआर विमान दुर्घटना में मारे गए भारतीय वायुसेना के दो पायलटों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर लोकेन्द्र सिंह सिंधु (31) और फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह (23) के रूप में हुई है। स्क्वाड्रन लीडर सिंधु हरियाणा के रोहतक से थे। वहीं लेफ्टिनेंट सिंह राजस्थान के पाली से थे। दो सीटों वाला यह लड़ाकू विमान कल दोपहर चूरू जिले के भनोदा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

आगे की पड़ताल में हमें टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 10 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राजस्थान के चूरू में एक जगुआर प्रशिक्षण विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना बुधवार दोपहर एक नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान हुई। हादसे में दो भारतीय वायुसेना पायलटों की मौत हो गई। मार्च के बाद से इस तरह की यह तीसरी दुर्घटना है। श्रीगंगानगर के निकट सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरने वाला दो सीटों वाला विमान दोपहर करीब 12.40 बजे जोरदार विस्फोट के साथ नीचे गिर गया।

इसके बाद हमने 7 मई को किसी भारतीय पायलट की मारे जाने की दावे की पड़ताल की। इस दौरान हमें एक्स पर प्रेस सूचना ब्यूरो फैक्ट चैक के अकाउंट पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 29 मई 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में बताया गया है कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना के एक मिग-29 यूपीजी को मार गिराया गया है। साथ ही भारतीय वायुसेना के पायलट की मौत हो गई है। यह दावा झूठा है। भारतीय पायलट सुरक्षित हैं।

यहां से साफ होता है कि बधुवार को राजस्थान में क्रैश हुआ जगुआर दो सीटर था। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय पायलट की जान नहीं गई है।
पड़ताल का नतीजा
सोशल मीडिया पर किए जाने वाला दावा हमारी पड़ताल में गलत साबित हुआ है। हाल ही में क्रैश हुआ जगुआर दो सीटर था। वायरल दावे को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।