Fact Check: झूठा है राजौरी में भारतीय सेना और आंतकवादियों के बीच मुठभेड़ में 10 लोगों की जान जाने का दावा
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Fact Check: झूठा है राजौरी में भारतीय सेना और आंतकवादियों के बीच मुठभेड़ में 10 लोगों की जान जाने का दावा

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीरों का कोलाज वायरल हो रहा है। तस्वीर में  सेना के लोग नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी  में भारतीय सेना और आंतकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें 10 जवानों की जान चली गई।  

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि  भारतीय सेना पर कोई ऐसा हमला नहीं हुआ है। इसके साथ ही हमने तीनों तस्वीरों को पुरानी पाया है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि राजौरी  में भारतीय सेना का आतंकावादियों के साथ मुठभेड़ हुई है। 


मेरा हिंदुस्तान (@MeraaHindusta) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भारतीय सेना के एसओजी  गश्ती दल पर कश्मीरी आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें 10 लोग मारे गए इनमें 6 सेना के जवान और 4 सीआरपीएफ के जवान शामिल थे। हमलावर हथियार छीनकर रात में गायब हो गए।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां  देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां  देख सकते हैं।

पड़ताल 

हमने दावे की पड़ताल के लिए कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें प्रेस सूचना ब्यूरो ( पीआईबी) फैक्ट चेक की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 8 अक्तूबर 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में बताया गया है कि  वायरल दावा गलत है। पोस्ट में लिखा है ”भारतीय सेना या किसी भी सुरक्षा बल पर ऐसा कोई हमला नहीं किया गया। पोस्ट में शेयर की जा रही तस्वीरें पुरानी और असंबंधित हैं।” 

यहां से पता चलता है कि हाल ही में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

इसके बाद हमने तस्वीर की बारे में पड़ताल किया। तस्वीरों को पड़ताल के लिए गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। पहली तस्वीर की पड़ताल के दौरान हमें इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट  18 मई 2022 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में लिखा है कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा एक शराब की दुकान पर ग्रेनेड फेंके जाने से एक कर्मचारी की मौत हो गई और उसके तीन सहकर्मी घायल हो गए।

वहीं दूसरी तस्वीर की पड़ताल के दौरान हमें कश्मीर न्यूज ऑब्जर्वर की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 4 दिसंबर 2024 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल गांव के सोफिगुंड अरिपाल इलाके में बुधवार शाम प्रादेशिक सेना (टीए) के एक जवान को आतंकवादियों ने गोली मार दी। घटना में, सोफिगुंड खानगुंड के मुश्ताक अहमद सोफी के बेटे डेलहेयर मुश्ताक के रूप में पहचाने गए जवान को चोटें आईं और उन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। 

इसके बाद हमने तीसरी तस्वीर की पड़ताल की। इस दौरान हमें रॉयर्टस की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 6 अगस्त 2013 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि  भारत ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकवादियों के एक समूह ने मंगलवार को कश्मीर में विवादित सीमा पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें उसके पांच सैनिक मारे गए। इस आरोप से शांति वार्ता को फिर से शुरू करने के प्रयासों पर खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि कश्मीर में भारी सैन्य सुरक्षा वाली सीमा पर कोई गोलीबारी नहीं हुई है। 

 

यहां से पता चलता है कि तीनों तस्वीर अलग-अलग घटनाओं की हैं। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि हाल ही में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।  



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