Fact Check: झूठी है राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेते जज की वायरल तस्वीर, पड़ताल में जानें पूरा सच
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Fact Check: झूठी है राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेते जज की वायरल तस्वीर, पड़ताल में जानें पूरा सच

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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 15 जुलाई को लखनऊ के एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई। दरअसल, राहुल पर 16 दिसंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। इसी टिप्पणी को लेकर राहुल के खिलाफ लखनऊ की एक अदालत में मानहानि का मामला दायर है। इस सुनावाई से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर में नजर आ रहा है कि राहुल गांधी के साथ  एक व्यक्ति काला कोट पहने सेल्फी ले रहा है। इसके साथ ही राहुल गांधी के साथ भीड़ भी दिख रही है। तस्वीर को शेयर किया जा रहा है कि कोट पहने व्यक्ति जज हैं, जो इस मामले में सुनवाई कर रहे हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया है कि तस्वीर में नजर आ रहे शख्स जज नहीं हैं। बल्कि लखनऊ कोर्ट के वकील हैं। उनका नाम सैयद महमूद है। इस मामले की सुनवाई अलोक वर्मा कर रहे थे।

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के साथ एक काला कोट पहने व्यक्ति की तस्वीर शेयर की जा रही है। इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि तस्वीर में नजर आ रहे शख्स जज हैं।

रणदीप सिसोदिया (@Randeep_Sisodia) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “भारतीय न्यायपालिका का प्रशंसक क्षण… एक न्यायाधीश प्रतिवादी राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेते हुए क्या कोई न्यायाधीश से निष्पक्ष होने की उम्मीद कर सकता है?” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

हमने दावे की पड़ताल करने के लिए पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत का एक्स पोस्ट मिला। यह पोस्ट 15 जुलाई 2025 को साझा किया गया है।  उन्होंने अपने पोस्ट में वायरल तस्वीर का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि तस्वीर में नजर आ रहे शख्स वकील हैं ना की जज।  

आगे की पड़ताल के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें फेसबुक पर वायरल तस्वीर मिली। यह तस्वीर शाहिद खान नाम के यूजर ने पोस्ट की है। इसके साथ ही उन्होंने वायरल दावे का खंडन कर बताया है  फोटो में नजर आ रहे शख्स वकील हैं। ना की जज हैं। वकील का नाम सैयद महमूद हसन हैं। इसके साथ ही उन्होंने तस्वीर को साझा कर महमूद हसन नाम के यूजर को टैग किया है। 

इसके बाद हमने टैग यूजर महमूद हसन की अकाउंट देखा। इस अकाउंट के प्रोफाइल फोटो में दिख रहे शख्स और वायरल फोटो में नजर आ रहे शख्स एक ही हैं। इसके साथ ही उन्होंंने खुद को लखनऊ कोर्ट का वकील बताया है। इसके साथ ही हमने तस्वीर में नजर आ रहे व्यक्ति से संपर्क किया। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला को बताया कि वायरल तस्वीर में नजर आ रहे शख्स वही हैं। लेकिन वह जज नहीं है। वह वकील है। उन्होंने आगे बताया कि वायरल तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

यहां से साफ होता है कि वायरल तस्वीर में नजर आ रहे व्यक्ति जज नहीं हैं। वह लखनऊ कोर्ट में वकील हैं। 

इसके बाद हमनें आगे की पड़ताल के लिए मामले की सुनवाई कर रहे हैं जज के बारें में जानने के लिए अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 15 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मामले की सुनावाई कोर्ट के विशेष एसीजेएम आलोक वर्मा ने की है। 

इसके बाद हमने जिला और सत्र न्यायालय लखनऊ और इलाहाबाद हाई कोर्ट की वेबसाइट पर आलोक वर्मा के बार में सर्च किया। इस दौरान हमें उनकी तस्वीर मिली। साथ ही इस में उनके पद के बार में भी बताया गया था।

 

पड़ताल का नतीजा

हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। वायरल तस्वीर में नजर आ रहे शख्स जज नहीं वकील हैं। 

 



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