सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस महिलाओं को पीटते नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का है, जहां पुलिस महिलाओं को बेरहमी के साथ पीट रही है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि यह वीडियो 10 महीने पुराना है। इसके साथ ही यह वीडियो तमिलनाडु का है, जहां पुलिस ट्रांसजेंडर महिलाओं को पीट रही है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस महिलाओं को पीट रही है।
न्यूज टाइम 7 नाम के फेसबुक यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा “पुलिस द्वारा महिलाओं का खूब सम्मान किया जा रहा है? इस वीडियो की असलियत सामने आए और दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्यवाही हो असल यह विडीयो उत्तर प्रदेश का है।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें कुमारियन्स संगम नाम के फेसबुक यूजर का एक पोस्ट मिला। यह पोस्ट 25 सितंबर 2024 को साझा किया गया है। यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो पुराना है।
आगे की पड़ताल के लिए पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें तमिल अखबार दिनमलर की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 25 सितंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नेल्लई पानागुड़ी के पास बाईपास रोड पर रात में ट्रांसजेंडर महिलाएं वाहनों में सवार लोगों को जबरन लूटने के लिए जानी जाती हैं। खासतौर पर, पानागुड़ी पुलिस को शिकायतें मिली हैं कि वे दोपहिया वाहनों से गुजरने वाले लोगों को परेशान कर रही हैं और उनके मोबाइल फोन व पैसे छीन रही हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस परसों ही उत्पीड़न में शामिल दो ट्रांसजेंडर महिलाओं को पूछताछ के लिए पानागुड़ी पुलिस स्टेशन ले गई थी। इसका विरोध करते हुए ट्रांसजेंडर महिलाओं ने कल रात पुलिस स्टेशन का घेराव कर दिया। उस समय, उनमें से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। पुलिस ने कहा है कि सभी लोग वहां से चले जाएं। पुलिस के शांति प्रस्ताव को न मानने वाली ट्रांसजेंडर महिलाओं ने थाने का घेराव जारी रखा और नारेबाजी की। बार-बार अनुरोध के बावजूद उनके न हटने से पुलिस ने ट्रांसजेंडर महिलाओं पर बल प्रयोग किया और उन्हें खदेड़ दिया।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को पुराना पाया है। इसके साथ ही वायरल वीडियो का उत्तर प्रदेश से कोई संबंध नहीं है।








