सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बोलती नजर आ रही हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है रेखा गुप्ता ने कहा है कि ढाई हजार करोड़ लोगों ने लोन लिया है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो में रेखा गुप्ता ने कहा कि कुल ढाई हजार करोड़ रुपये लोन के रूप में दिए जाएंगे।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि रेखा गुप्ता ने कहा है कि ढाई हजार करोड़ लोगों ने लोन लिया है।
ममता राजगढ़ (@rajgarh_mamta1) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ”दिल्ली की मुख्यमंत्री जी बोल रही है ढाई हजार करोड़ लोगों ने लोन ले लिया है। इतने लोग दिल्ली या भारत में तो छोड़िये…पूरी धरती पर नहीं हैं।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट मिली। यहां हमें 4 मिनट 15 सकेंड पर वायरल क्लिप देखने को मिली। यहां लिखा है कि 27 जनवरी को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली सरकार और सीजीटीएमएसई (क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्माल एंटरप्राइसेस) के बीच दिल्ली क्रेडिट गारंटी स्कीम के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे कारोबारियों की सबसे बड़ी मुश्किल को दूर करना है, ताकि उन्हें बैंक से कर्ज लेने के लिए किसी भी तरह की गारंटी या सिक्योरिटी न देनी पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर कोई लिमिट नहीं है कि एक लाख लोग लें कि दो लाख लोग लें जितने भी लोग इसे लेना चाहेंगे दिल्ली सरकार पूरी तरीके से तैयार है। इनिशियली हमने 50 करोड़ का फंड इस योजना के तहत रखा है और इस 50 करोड़ के फंड के सामने ढाई हजार करोड़ का लोन जो है वो लोग ले पाएंगे और मुझे लगता है कि इससे एक बहुत बड़ा बूस्ट हमारे इस सेक्टर को मिल पाएगा।
आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में लिखा है कि सरकार ने योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का विशेष फंड तैयार किया है। इस फंड के जरिए करीब 2500 करोड़ रुपये तक के ऋण वितरित किए जा सकेंगे। योजना में 50 गुना लीवरेज रखा गया है, जबकि एनपीए की सीमा 10 प्रतिशत तय की गई है, ताकि सरकारी वित्तीय जोखिम सीमित रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, रिटेल, शिक्षा, प्रशिक्षण संस्थान समेत विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमी शामिल होंगे। शुरुआत में एक लाख लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि सीजीटीएमएसई ने स्पष्ट किया है कि पात्र उद्यमियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ढाई हजार करोड़ का लोन देने की बात कही है।








