Fact Check: दो अलग-अलग प्रदर्शनों की क्लिप को एडिट करके एपस्टीन फाइल्स के विरोध का बताकर किया जा रहा शेयर
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Fact Check: दो अलग-अलग प्रदर्शनों की क्लिप को एडिट करके एपस्टीन फाइल्स के विरोध का बताकर किया जा रहा शेयर

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में पहले हजरों लोगो की भीड़ सड़क पर नजर आती है। उनके बाद वीडियो में ट्रंप टॉवर नजर आता है। ट्रंप टॉवर के सामने भी कई लोग प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स  के सामने आने के बाद लोग ट्रंप टॉवर के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी जांच में सामने आया कि यह घटना एपस्टीन फाइल्स से जुड़े किसी प्रदर्शन से नहीं जुड़ी है। पड़ताल में यह दावा भ्रामक पाया गया।  रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वीडियो “नो किंग्स” और “नो ICE” विरोध प्रदर्शन के दौरान का है। 

क्या है दावा 

ट्रंप टावर के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स के आने के बाद लोग सड़क पर विरोध कर रहे हैं। 

Zetworknews नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “ट्रम्प बनाम एप्सटीन फाइलें: अमेरिका में भारी विरोध! दोस्तों, ये वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है! देखिए कैसे न्यूयॉर्क के ट्रंप टावर के बाहर हजारों की भीड़ जमा है। हाल ही में जेफरी एप्सटीन से जुडी तकरीबन 30 लाख फाइलें सार्वजनिक हो गई हैं। फाइलों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम कई बार आया है, जिसने पूरे अमेरिका में गुस्सा भड़का दिया है! लोग चाहते हैं कि सच्चाई पूरी तरह बाहर आए।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां भी देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस वीडियो में दो अलग-अलग क्लिप हैं। पहली क्लिप में सड़क पर उमड़ी भारी भीड़ दिखाई दे रही है और दूसरी क्लिप में लोग ट्रम्प टॉवर के सामने प्रदर्शन करते हुए “शर्म करो, शर्म करो” के नारे लगा रहे हैं।

सबसे पहले हमने पहली क्लिप के वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां में हमें इस दृश्य को दिखाता हुआ वीडियो न्यूज़ज़ोन360 नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 जनवरी 2026 को पोस्ट मिला। इस पोस्ट में बताया गया था कि प्रदर्शनकारियों ने नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती के खिलाफ मार्च करने के लिए लॉस एंजिल्स और शिकागो की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया, यह घटना बड़े “नो किंग्स” आंदोलन का हिस्सा थी जिसके तहत पूरे अमेरिका में प्रदर्शन हुए।




आगे सर्च करने पर हमें यह वीडियो blockclubchi नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 19 अक्तूबर 2025 को पोस्ट मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था “नो किंग्स विरोध प्रदर्शन मिशिगन एवेन्यू पर उत्तर की ओर बढ़ रहा है।” 

 

आपको बता दें 18 अक्तूबर 2025 को पूरे अमेरिका के शहरों में, जिसमें न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन डीसी, शिकागो, मियामी और लॉस एंजिल्स शामिल थे, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ “नो किंग्स” विरोध प्रदर्शनों में भारी भीड़ ने हिस्सा लिया। हजारों लोग न्यूयॉर्क शहर के मशहूर टाइम्स स्क्वायर और उसके आसपास की सड़कों पर जमा हुए, लोगों ने ऐसे पोस्टर पकड़े हुए थे जिन पर “लोकतंत्र, राजशाही नहीं” और “संविधान कोई विकल्प नहीं है” जैसे नारे लिखे थे।

 

दूसरे क्लिप का रिवर्स इमेज सर्च करने पर हम न्यूज़एक्स वर्ल्ड नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो मिला, यहां इसे 18 जनवरी, 2026 को पोस्ट किया गया था। कैप्शन में लिखा गया था प्रदर्शनकारियों को डोनाल्ड ट्रंप के नाम की तरफ उंगली दिखाते हुए देखा गया, इस इशारे का इस्तेमाल गुस्से और राजनीतिक विरोध के संकेत के तौर पर किया गया। इस हरकत से विरोध की मजबूत भावनाएं सामने आई, प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप की नीतियों और लीडरशिप को लेकर निराशा जताई, जिससे सड़कों और ऑनलाइन दोनों जगह गरमागरम बहस और प्रतिक्रियाएं हुईं।

 

 

आगे कीवर्ड के माध्यम ने हमने ट्रंप टावर के बाहर प्रदर्शन को सर्च किया। यहां हमें सीबीएस न्यूयॉर्क नाम से एक यूट्यूब चैनल पर इससे जुड़ी रिपोर्ट 21 जनवरी 2026 को पोस्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि न्यूयॉर्क शहर में ट्रंप टावर के बाहर राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरे होने के बाद लोगों ने विरोध प्रदर्श किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों पर चिंता जताई। इस प्रदर्शन पर व्हॉइट हाउस की ओर बयान दिया गया कि किसे परवाह है? 

 

एप्सटीन फाइल्स को लेकर प्रदर्शन के बारे में हमें कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। वायरल हो रही दोनों क्लिप में से एक एप्सटीन फाइल्स के सामने आने से पहले की है। वहीं दूसरी क्लिप का भी एप्सटीन फाइल्स से जुड़े होने का विश्वसनीय स्रोत नहीं मिला। 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो में दिख रही दोनों क्लिप का एप्सटीन फाइल्स के विरोध में हो रहे प्रदर्शन से जुड़े होने का कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं है। 





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