ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: दो साल पुराने वीडियो को माकपा नेत्री सुभाषिनी अली का बताकर किया जा रहा झूठा दावा

Spread the love


सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक महिला नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि माकपा नेत्री सुभाषिनी अली ने पीएम मोदी की प्रशंसा कर रही हैं। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो में नजर आ रही महिला सुभाषिनी अली नहीं हैं। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि माकपा नेत्री सुभाषिनी अली ने पीएम मोदी की प्रशंसा की है। 

ModiNama नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा, ‘भाजपा की कट्टर दुश्मन मानी जाने वाली मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) की नेत्री सुहासिनी अली ने राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के बारे में ये क्या कह दिया।‘ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

वीडियो में महिला बोलती है, “देश को अगर आगे ले जाना है तो राहुल गांधी का नाम मत लीजिए, क्योंकि अभी उनको राजनीति और देश के बारे में कुछ नहीं पता है। इस वक्त दुनिया के अदंर बड़ा क्राइसिस चल रहा है। पूरा संसार इस वक्त क्राइसिस से घूम रहा है। ये नहीं है कि इंग्लैंड वो है या सब जगह बहुत बुरा हाल है। भारत को अगर बचाना है तो नरेंद्र मोदी को आगे लाना होगा, क्योंकि जिस तरह की मेरी उमर है। मैंने जीवन में इंदिरा गांधी को भी देखा है पंडित जवाहरलाल नेहरू को भी देखा है। आज नरेंद्र मोदी को भी देख रही हूं। आज अपने घर में एक पिता चार बच्चों को नहीं संभाल सकता है। चारों की दिशाएं अलग हैं। पूरे भारत को संभाल कर बैठे हैं, वो। अरे तुम्हें तो उनका धन्यवाद करना चाहिए।…”


 

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और  यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें 99 Khabar के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 29 जनवरी 2024 को साझा किया गया है। यहां आप वायरल वीडियो 7 मिनट से 15 सकेंड से देख सकते हैं। इसके साथ ही इस वीडियो को लोकसभा चुनाव का बताया गया है। 




इसके बाद हमने CPIM Speak के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 21 जुलाई 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां हमें सुभाषिनी अली की एक वीडियो देखने को मिला।

 

इसके बाद हमें सुभाषिनी अली के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट देखने को मिला। यह पोस्ट उन्होंने दो साल पहले शेयर किया था। यहां उन्होंने बताया  है कि यह एक फर्जी वीडियो है जिसे मेरे नाम से जोड़ा जा रहा है। यह मैं नहीं हूं, न ही यह मेरी आवाज है और न ही  ये मेरे विचार हैं। मैंने ECI और पुलिस को इसकी रिपोर्ट कर दी है। देखते हैं वे क्या करते हैं।



यहां हमने उनकी तस्वीर और वायरल वीडियो में नजर आ रही महिला की तस्वीर का तुलना किया। यहां से हमें पता चला कि वायरल वीडियो में नजर आ रही महिला सुभाषिनी अली  नहीं थी। 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो में नजर आ रही महिला  सुभाषिनी अली नहीं है। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *