सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला बुलडोजर पर पत्थर मारते नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि नेपाल का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में एक महिला बुलडोजर पर पत्थर मार रही है।
पूजा तिवारी (@poojasanatani19) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “पत्थर मारने से पहले ये भूल गई थी-यहां योगी राज है। जय हो बुलडोजर बाबा” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें जुम्ला अपडेट नाम के फेसबुक चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 16 अगस्त 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही लिखा है कि यह नेपाल का मामला है।
इसके बाद हमें 𝐋𝐈𝐕𝐄 𝗡𝗘𝗪𝗦 𝗥𝗔𝗙𝗧𝗔𝗥 नाम के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 15 अगस्त 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही लिखा है कि झुग्गी बस्ती में तनाव: बुलडोजर चलाते समय पत्थर फेंके गए।
इसके बाद हमने कीवर्ड की मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 15 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि काठमांडू में मनोहरा नदी के किनारे रहने वाले अतिक्रमणकारियों की शुक्रवार सुबह नगर निगम अधिकारियों द्वारा उनके अस्थायी घरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू करने के बाद शहर की पुलिस के साथ झड़प हो गई। काठमांडू महानगरपालिका की पुलिस के जवान, नेपाल पुलिस के जवानों के साथ, बुलडोजर लेकर बस्ती को खाली कराने के लिए मौके पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने वहां बने ढांचों को तोड़ना शुरू किया, निवासियों ने विरोध में अधिकारियों पर पत्थर और ईंटें फेंकीं। पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर कर दिया। किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य सार्वजनिक भूमि पर बने अवैध ढांचे थे। निवासियों ने शहर पर पुनर्वास सहायता प्रदान किए बिना कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को नेपाल का पाया है।








