Fact Check: पश्चिम बंगाल में भाजपा समर्थकों की पुलिस से झड़प का तीन साल पुराना वीडियो अभी का बताकर हो रहा शेयर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: पश्चिम बंगाल में भाजपा समर्थकों की पुलिस से झड़प का तीन साल पुराना वीडियो अभी का बताकर हो रहा शेयर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार और पश्चिम बंगाल में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने शाम को कोलकाता में 13.61 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित मेट्रो नेटवर्क और इन मार्गों पर मेट्रो सेवाओं का शुभारंभ किया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में  कुछ लोग पुलिस पर हमला कर रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा समर्थकों के साथ पुलिस की झड़प हुई है।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो तीन साल पुराना है, जिसे अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा समर्थकों के साथ पुलिस की झड़प हुई है।


रजा मुहम्मद (@Rza_Muhd) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “मैं कुछ कहूंगा तो विवाद हो जायेगा लेकिन उपद्रियो के हाथ में भाजपा का झंडा है। पश्चिम बंगाल में इन गुंडों से पुलिस सुरक्षाबल तो सुरक्षित नहीं है और कहते हैं की हिन्दू खतरे में है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।


पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एबीपी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 14 सितंबर 2022 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की सड़कें मंगलवार दोपहर रणक्षेत्र में तब्दील हो गईं। भ्रष्टाचार के मामलों के विरोध में पश्चिम बंगाल सचिवालय तक मार्च निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने मार्च कर रहे भाजपा समर्थकों को रोक दिया। इसके बाद भाजपा समर्थकों ने पुलिस पर पत्थर और बांस के डंडों से हमला किया। पुलिस ने भाजपा समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए लाठियां बरसाईं।

इसके बाद हमें द टेलीग्राफ की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 17 सितंबर 2022 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भाजपा के नबान्न मार्च के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त पर हमले के सिलसिले में शुक्रवार को तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने वायरल वीडियो को तीन साल पुराना पाया है। इस वीडियो का मौजूदा समय से कोई संबंध नहीं है। 



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