Fact Check: पाकिस्तान में अवैध अतिक्रमण हटाए जाने के वीडियो को यूपी के बरेली का बताकर किया जा रहा शेयर
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Fact Check: पाकिस्तान में अवैध अतिक्रमण हटाए जाने के वीडियो को यूपी के बरेली का बताकर किया जा रहा शेयर

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बरेली में पिछले महीने हुई हिंसा के बाद आरोपियों, उनके मददगारों और करीबियों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। अब तक सील की गईं 170 करोड़ की संपत्तियों में कई पर बुलडोजर चल सकता है। मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस के जखीरा स्थित बरातघर को जमींदोज किया जा चुका है। इसी बीच, ध्वस्त इमारतों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बरेली मार्केट में अवैध बांग्लादेशियों, रोहिंग्याओं और अन्य लोगों द्वारा बनाई गई अनधिकृत इमारतों को ध्वस्त किया गया है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि वायरल वीडियो सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा से पहले का है और इसका भारत से कोई संबंध नहीं है। यह पाकिस्तान के देपालपुर में सरकार के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान का वीडियो है। यह वीडियो कम से कम 24 अगस्त 2025 से इंटरनेट पर मौजूद है। 

क्या है दावा

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बरेली मार्केट में अवैध बांग्लादेशियों, रोहिंग्याओं और अन्य लोगों द्वारा बनाई गई अनधिकृत इमारतों को ध्वस्त किया गया है। 

Hinduism_and_Science (@Hinduism_sci) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “बरेली के बाजार में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाए गए। क्या यही स्वच्छ भारत का असली मतलब नहीं है??” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

 

इस  तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें एक यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को 24 अगस्त 2025 को पोस्ट किया गया था। इस वीडियो के साथ कोई कैप्शन तो नहीं था लेकिन कई हैशटैग का इस्तेमाल किया गया था। जिसमें से हमें  #govtofpakistan हैशटैग दिखा। यहां से हमें संदेह हुआ कि यह वीडियो शायद भारत का नहीं है। इस पोस्ट से यह भी पता चला कि वीडियो सितंबर 2025 में हुई बरेली हिंसा से पहले का है। 

 

 

कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर हमें यह वीडियो उर्दूप्वाइंट वीडियो नाम के एक फेसबुक चैनल पर देखने को मिला। यहां हमें टूटे हुए मकानों की वीडियो रिपोर्ट देखने को मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “देपालपुर में भारी अतिक्रमण अभियान चलाया गया – 50 साल पुरानी अवैध दुकानें ध्वस्त” देपालपुर पाकिस्तानी पंजाब प्रांत के ओकारा जिले का एक शहर है।  

  यहां हमें वायरल वीडियो के समान तो वीडियो देखने को नहीं मिला। लेकिन इस रिपोर्ट में जो तस्वीर नजर आ रही थी वह वायरल वीडियो में भी दिख रही थी। जैसे एक मकान पर क्रीम रंग की होर्डिंग लगी हुई नजर आ रही है। वह वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट दोनों में मौजूद है। दोनों समानताएं आप नीचे दी गई तस्वीर में देख सकते हैं। 

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है वीडियो में पाकिस्तान में अवैध अतिक्रमण हटाए जाने का है। इसे बरेली का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 



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