सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में बुलडोजर से तोड़फोड़ की जा रही है। इसके साथ ही कुछ लोग रोते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने घरों को बुलडोजर से गिरा दिया। नव निर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार द्वारा राजधानी कोलकाता में अतिक्रमण हटाने के अभियान के बाद यह वीडियो सामने आया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया की इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में सामने आया कि वीडियो बांग्लादेश के जेस्सोर जिले में अतिक्रमण विरोधी अभियान का है।
क्या है दावा
जीनत राणा (@izeennatrana) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने घरों को बुलडोजर से गिरा दिया।” पोस्ट का लिंक आप यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को ध्यान से देखा यहां वीडियो पर मासरांगा न्यूज का लोगो लगा हुआ था। यह बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट है। इसके बाद हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो मासरांगा न्यूज के यूट्यूब चैनल पर 14 मई 2026 को प्रकाशित मिला। वीडियो के साथ बंगाली भाषा में कैप्शन लिखा गया था “जेसोर में बेदखली अभियान के दौरान 600 से अधिक इमारतें ढहाई गईं, कई परिवारों ने अपने घर खो दिए |” जेस्सोर बंग्लादेश का एक शहर है।
आगे सर्च करने पर हमें ढाका ट्रिब्यून पर 12 मई 2026 की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि नेशनल हाउसिंग अथॉरिटी ने जेसोर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया, जिसमें 400 से ज्यादा अवैध ढांचों को गिरा दिया गया और लगभग पांच एकड़ सरकारी जमीन वापस ले ली गई, जिसकी अनुमानित कीमत 50 करोड़ टका है। यह अभियान, रविवार सुबह शुरू हुआ और सोमवार शाम 4:00 बजे तक चला। कार्यवाई गबतला चौराहे, बी ब्लॉक, हाई कोर्ट चौराहे, ढाका रोड और आस-पास के हाउसिंग एस्टेट इलाकों में चली।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि बांग्लादेश में अतिक्रमण हटाने के वीडियो को भारत के पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर किया जा रहा है।








