सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ महिलाएं तहखाने से बाहर आती नजर आ रही हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंदिर का है, जहां मंदिर के नीचे जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो में चार साल पुराना और मुंबई का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि गोरखपुर मंदिर के नीचे जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा है।
द रियल पेज नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “ वीडियो डिलीट कर सकते हैं। न्यूज में इसकी कोई खबर नहीं।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसके साथ ही पोस्ट पर लिखा गया है, “यूपी गोरखपुर के मंदिर के नीचे जमीन के 22 फीट नीचे में चल रही थी जिस्मफरोशी के धंधा”

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें Vadalwara Live नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 17 दिसंबर 2021 को प्रकाशित किया गया है। इसके साथ ही लिखा है कि दीपा डांस बार के तहखाने में 17 लड़कियां छिपी हुई थीं ।
इसके बाद हमेंं हैप्पी सोल नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 17 दिसंबर 2021 को साझा किया गया है। इसके साथ ही लिखा है कि मुंबई के दीपा डांस बार पर छापा, मुंबई पुलिस ने डांस बार से 17 लड़कियों को बचाया।
आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 13 दिसंबर 2021 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मायानगरी मुंबई में पुलिस ने रविवार को एक बार पर छापा मारा। वहां 15 घंटे तक पुलिस को छानबीन करना पड़ी। इसके बाद मेकअप रूम में एक शीशा मिला, टीम ने जब उसे तोड़ा तो उसके पीछे से 17 बार बालाएं मिलीं। पुलिस के अनुसार शीशे के पीछे एक दरवाजा था। उसे रिमोट से संचालित किया जाता था। यह बार मुंबई के अंधेरी इलाके में था। गुप्त तहखाने से 17 बार गर्ल्स को बरामद किया गया। दरअसल, ये लड़कियां यहां बने मेकअप रूम में बने तहखाने में छिपाई गईं थीं। इन्हें ढूंढ निकालने में 15 घंटे लग गए। जहां लड़कियां छिपाई गईं थीं, वहां खाने-पीने से लेकर सारी सुविधाएं मौजूद थीं।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को चार साल पुराना पाया है। इस वीडियो को गोरखपुर से कोई संबंध नहीं है।








