Fact check: महिला के साथ यौन उत्पीड़न के कोलंबिया के वीडियो को भारत का बताकर किया जा रहा सांप्रदायिक दावा
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact check: महिला के साथ यौन उत्पीड़न के कोलंबिया के वीडियो को भारत का बताकर किया जा रहा सांप्रदायिक दावा

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में एक आदमी सीढ़ियों पर एक महिला पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है, उसे बालों से पकड़कर घसीट रहा है। पोस्ट को इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि पुरुष मुस्लिम है, महिला हिंदू है और यह घटना भारत में हुई है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि यह वीडियो भारत का नहीं बल्कि कोलंबिया का है। 8 अगस्त 2025 को, ब्यूनावेंतुरा, वैले डेल काउका, कोलंबिया में, स्टीवन रियास्कोस नामक आरोपी ने शियोमारा नाम की एक महिला का यौन उत्पीड़न किया था। 

क्या है दावा

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि एक मुस्लिम व्यक्ति ने भारत में सीढ़ियों पर एक हिंदू महिला पर हिंसक हमला किया है। 

योगेश्वर चंदिले नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “हिंदू लड़किया कब समझेगी अब्दुल ना किसी का भाई हो सकता है ना किसी का पति सनातन ही ऐसा धर्म है जो महिलाओं को लक्ष्मी मानते है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गगूल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो कोलंबिया स्थित मीडिया आउटलेट्स की कई रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट था। इन रिपोर्ट्स  के अनुसार, यह घटना 08 अगस्त 2025 को ब्यूनावेंतुरा, वैले डेल काउका, कोलंबिया में हुई थी। 

 

रिपोर्ट के अनुसार आरोपी की पहचान स्टीवन रियास्कोस के रूप में हुई थी। जिसने कथित तौर पर शियोमारा नाम की एक युवती का यौन उत्पीड़न और शारीरिक हमला किया, जब वह भागने की कोशिश कर रही थी।

 

12 अगस्त 2025 को, रियास्कोस का गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उसने आत्मसमर्पण किया। उसे वैले डेल काउका के तुलुआ इलाके के पॉपुलर इलाके में गिरफ्तार किया गया। उस पर हत्या के प्रयास और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया, उसने अदालत में आरोप स्वीकार कर लिए और उसे जेल भेज दिया गया। इससे यह साफ होता है कि इस घटना का भारत से कोई संबंध नहीं है और इसे झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ फैलाया जा रहा है।

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो भारत का नहीं बल्कि कोलंबिया का है। इसे झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 





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