Fact Check: महिला को पीटने के पांच साल पुराने वीडियो को जातिगत एंगल देकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: महिला को पीटने के पांच साल पुराने वीडियो को जातिगत एंगल देकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Spread the love


सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में दिखा रहा है कि एक पीली कमीज पहने आदमी एक महिला को बेरहमी से पीट रहा है। आसपास मौजूद लोगों में से कुछ लोग महिला को बचाने की कोशिश करते हैं लेकिन उसमें से दो आदमी महिला को फिर से पीटते हैं। एक आदमी महिला को डंडे से भी मारता दिखता है। वहां एक पुलिस अधिकारी भी नजर आ रहा है जो महिला को बचाने की एक बार भी कोशिश नहीं करता है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का है। जहां एक दलित महिला पिटती रहती है और पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रहती है। 

Trending Videos

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। जांच में पता चला कि यह मामला 2020 की है जिसे अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है। साथ ही यह भी पता चला कि यह विवाद पति पत्नी के बीच जमीन को लेकर हुआ था। जिसके बाद महिला के पति, देवर, जेठ और उनके तीनों बेटों ने महिला को बुरी तरह से पीटा। 

  क्या है दावा 

  इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में दलित महिला को कुछ लोग पीटते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनकर देखती रही। 

  बनवारी लाल आजाद- (एएसपी) (@BSSVERMA) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “उत्तर प्रदेश विडंबना यह रही कि पुलिस भी इस पूरी घटना के दौरान। मूकदर्शक बनी रही महिला को पीटा जा रहा था, वह चीख रही थी, लेकिन सत्ता-समर्थित ठाकुरवाद और पुलिस की निष्क्रियता ने मिलकर दलित महिला के जीवन को कुचलने की छूट दे दी।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

  इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैंं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

 इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। हमें इससे जुड़ी एक रिपोर्ट टीवी9 के यूट्यूब चैनल पर मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि वीडियो बलरामपुर से सामने आया था। इस रिपोर्ट को मई 2020 में प्रकाशित किया गया था। यहां से हमें पता चला कि वीडियो 2020 का है। इसके हालिया होने का दावा भ्रामक है। 

  इस मामले के बारे में जानने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि मामला मई 2020 की है। पता चला कि बलरामपुर जिले के थाना रेहरा बाजार के गांव अधीनपुर में एक महिला को उसके पति, जेठ, देवर व उसके तीन भतीजों ने मिलकर बुरी तरह पीटा। इस दौरान यूपी 112 के सिपाही मौजूद थे लेकिन उन्होंने महिला की कोई मदद नहीं की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद केस दर्ज कर लिया गया है। 

  पता चला कि रेहरा बाजार का अधीनपुर गांव निवासी अशोक व उसकी पत्नी सुशीला में मकान बेचने को लेकर विवाद था। अशोक अपने भाई को मकान बेचना चाहता था पर सुशीला किसी और को बेचने के पक्ष में थी। इसे लेकर दोनों में विवाद हुआ जिस पर सुशीला ने 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली। इस दौरान विवाद होने पर अशोक पत्नी सुशीला को पीटने लगा। वहां मौजूद महिला के देवर, जेठ और उसके तीनों बेटों ने भी उस पर हमला कर दिया।

 

  पड़ताल का नतीजा 

  हमारी पड़ताल में यह साफ है कि पांच साल पुराने वीडियो को हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है। साथ ही यह एक पारिवारिक मामला था जिसे जातिगत एंगल देकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *