उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारावफात के जुलूस में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर का विवाद प्रदेश के कई जिलों में फैल गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में लोगों की भारी भीड़ नजर आ रही है। इसके साथ ही उनके हाथ में जलती मसाल भी देखने को मिल रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का है, जहां जेन-जी सड़कों पर नारा लगा रही है कि यूपी पुलिस तुम लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो राजस्थान का है। दरअसल, झालावाड़ के पीपलोदी स्कूल हादसे में मृतक बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए मशाल जुलूस निकाला गया था।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यूपी के युवाओं ने मशाल जला कर रैली निकाली। इसके साथ ही नारे भी लगाए।
ओशन जैन (@ocjain4) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “यूपी में हालात जेन जी सड़कों पर गूंज उठा नारा— “यूपी पुलिस तुम लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं… लम्बे-लम्बे लाठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं…। ” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें राजस्थान देखो नाम के इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह पोस्ट 26 सितंबर को साझा की गई है। इसके साथ ही पोस्टर में लिखा है “झालावाड़ स्कूल हादसा न्याय की मांग बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए युवा शक्ति का जयपुर में प्रदर्शन।”
इसके बाद हमने पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें एनडीटीवी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 25 सितंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट मेंं बताया गया है “जयपुर की सड़कों पर नरेश मीणा के समर्थकों ने गुरुवार (25 सितंबर) रात सड़कों पर मशाल जुलूस निकाला। नरेश मीणा पिछले 14 दिन से अनशन पर हैं। उनकी मांग है कि झालावाड़ के पीपलोदी स्कूल हादसे में मृतक बच्चों के परिजनों को न्याय मिले। इसी मांग को मनवाने के लिए नरेश मीणा अनशन पर हैं। उन्हें समर्थन देने के लिए बेटे अनिरुद्ध मीणा, पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा समेत कई लोगों ने जुलूस निकाला।”
आगे की पड़ताल में हमें यूपी पुलिस की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 1 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित की गई है। पोस्ट में वायरल वीडियो को फर्जी बताया गया है। पोस्ट में लिखा है यह वीडियो राजस्थान (जयपुर) के 25 सितम्बर 2025 के मशाल जुलूस का है, जिस पर फेक वॉयसओवर जोड़कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है। यूपी पुलिस इस भ्रामक वीडियो का खंडन करती है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को जयपुर का पाया है। वायरल वीडियो का यूपी से कोई संबंध नहीं है।








