Fact Check: राहुल गांधी का दावा, कृषि कानून के विरोध के समय अरुण जेटली ने धमकाया, पढ़े पूरी पड़ताल
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: राहुल गांधी का दावा, कृषि कानून के विरोध के समय अरुण जेटली ने धमकाया, पढ़े पूरी पड़ताल

Spread the love


सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि, जब वह कृषि कानून का विरोध कर रहे थे तब पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें धमकाया था। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि अरुण जेटली का 24 अगस्त 2019 को निधन हो गया था। वहीं, कृषि कानून संसद में 20 सितंबर 2020 को पारित हुआ था। वहीं, किसानों ने 24 सितंबर से पंजाब में रेल रोको आंदोलन के जरिए इसका विरोध शुरू किया था।

क्या है दावा?


सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, वीडियो में राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि , जब वह कृषि कानून का विरोध कर रहे थे। तब अरुण जेटली ने उन्हें धमकाया था।

आनंद एम शेठ (@masih_shet) नाम के एक्स यूजर ने राहुल गांधी का वीडियो शेयर कर राहुल के भाषण के आधार पर लिखा “तीन कृषि कानूनों के विरोध के दौरान राहुल गांधी को डराने के लिए अरुण जेटली को उनके पास भेजा गया। अरुण जेटली ने कहा कि अगर आप कृषि कानूनों पर सरकार का विरोध करना बंद नहीं करेंगे तो हम आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। राहुल गांधी ने उनकी तरफ देखा और कहा शायद आपको पता नहीं है कि आप किससे बात कर रहे हैं। हम कांग्रेसी लोग हैं हम डरते नहीं हैं अंग्रेज हमको डरा नहीं सके तो आप कौन हैं ? ऐसे हैं हमारे नेता राहुल गांधी निडर बेबाक जिंदादिल हैं।”  पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 


हमने अपनी दावे की पड़ताल करने के लिए कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिला। यह पोस्ट 2 अगस्त 2025 को साझा किया गया। पोस्ट में उन्होंने लिखा “राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हुआ था। कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे।”

इसके बाद हमने अरुण जेटली के निधन से जुड़ी पड़ताल के लिए अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 24 अगस्त 2019 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री का कार्यभार संभालने वाले अरुण जेटली का निधन हो गया है। उन्होंने आज दोपहर दिल्ली एम्स में 12 बजकर 7 मिनट पर आखिरी सांस ली। जेटली एम्स में पिछले कई दिनों से भर्ती थे। विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही थी।

आगे हमने कृषि कानून कब पास हुआ था। यह जानने के अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में पूरी कृषि बिल की टाइमलाइन मिली। इसमें बताया गया है कि 14 सितंबर 2020 को कृषि कानून बिल लोकसभा में पेश किया गया, जो 17 सितंबर, 2020 को पास हुआ। इसके बाद राज्यसभा में यह विधेयक 20 सितंबर को पारित हुआ। सरकार के इस कदम का तब एनडीए में भाजपा के साथ रही अकाली दल ने विरोध किया था और उसकी नेता हरसिमरत कौर बादल ने कैबिनेट से इस्तीफा तक दे दिया था।



दूसरी तरफ विधेयक के संसद से पारित हो जाने के बाद 24 सितंबर को पंजाब में किसानों ने रेल रोको आंदोलन का एलान किया था और 25 सितंबर से किसान संगठन प्रदर्शन के लिए एकजुट हो गए। हालांकि, 27 सितंबर को इन विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई और इनके कानून बनने का रास्ता साफ हो गया था। 


यहां से पता चलता है कि कृषि कानून बनने से करीब 13 महीने पहले अरुण जेटली का निधन हो गया था। तब तक सरकार ने इससे जुड़े विधेयक या योजना को भी सामने नहीं रखा था। 

पड़ताल का नतीजा


हमने अपनी पड़ताल में पाया कि कृषि कानून सितंबर 2020 में संसद से पास हुआ था, जबकि अरुण जेटली का 24 अगस्त 2019 में निधन हो गया था। इस लिहाज से राहुल गांधी का यह दावा कि ‘कृषि कानून’ के विरोध के दौरान उन्हें अरुण जेटली की तरफ से धमकी मिली, यह गलत है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *