रूस के पूर्वी तट पर कामचटका प्रायद्वीप के पास बधुवार को आए भूकंप ने तबाही मचा दी है। इस भूकंप की तीव्रता 8.8 दर्ज की गई। रूसी एजेंसी का कहना है कि भूकंप के बाद कामचटका में 30 से अधिक बार झटके महसूस किए गए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में समुद्र के किनारे कुछ व्हेल नजर आ रही हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मंगलवार को पांच बेलुगा व्हेल मछलियां रूस के कामचटका में बहकर किनारे पर आ पहुंचीं और यह सुनामी का संकेत था।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावा को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो 2023 का है। दरअसल, रूस के सुदूर पूर्व में टिगिल नदी के मुहाने के पास एक समुद्र तट पर चार बेलुगा और एक बच्चा फंसे हुए पाए गए थे।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मंगलवार को रूस की पांच बेलुगा व्हेल मछलियां रूस के कामचटका में बहकर किनारे पर आ पहुंचीं। हसलबिच (@HustleBitch_) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “जानवरों ने हमें चेतावनी दी थी- और हमने ध्यान नहीं दिया। कल ही, पांच बेलुगा व्हेल मछलियां रूस के कामचटका में बहकर किनारे पर आ पहुंचीं, जो आज आए रिकॉर्ड तोड़ 8.8 तीव्रता के भूकंप का केंद्र था। प्रकृति को हमेशा पहले पता चल जाता है। यही चेतावनी थी।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें न्यूजवीक की एक रिपोर्ट मिली। न्यूज़वीक एक अमेरिकी साप्ताहिक समाचार पत्रिका है। यह रिपोर्ट 15 अगस्त 2023 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बेलुगा व्हेल मछलियों को समुद्र तट पर फंसी हुई स्थिति से बचा लिया गया है। स्थानीय समाचार आउटलेट कामचटका-इनफॉर्म की रिपोर्ट के अनुसार, पांच बेलुगा व्हेल मछलियां को रूस के सुदूर पूर्व में टिगिल नदी के मुहाने के पास एक समुद्र तट पर फंसे हुए पाया गया। व्हेल के समूह को कई स्थानीय मछुआरों ने इस संकट से बचाया।
इसके बाद हमें अल अरेबिया इंग्लिश का वीडियो मिला। यह वीडियो 16 अगस्त 2023 को साझा किया गया है। वीडियो में बताया गया है कि स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, मछुआरों ने रूस के सुदूर पूर्व में टिगिल नदी के पास फंसे बेलुगा व्हेल के एक समूह को बचाया।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावा को गलत पाया है। हमने पाया वायरल वीडियो करीब दो साल पुराना है, जिसें रुस सुनामी से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।








