सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में समुद्र में तेज लहरे उठते दिख रहे हैं। इसके बाद के क्लिप में नजर आता है कि समुद्र के तेज लहरों के कारण एक नाव पानी में समा गई। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो रूस में 30 जुलाई को आई सुनामी का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावा को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो आठ साल पुराना है। दरअसल, वायरल वीडियो 2017 में ग्रीनलैंड में आई सुनामी का है।
क्या है दावा?
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो रूस में आई सुनामी का है।
रिजवान शाह (@rizwan_media) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “भीषण भूकंप ने घातक सुनामी ला दी, हजारों लोग बिना किसी चेतावनी के कुछ ही सेकंड में बह गए। प्रकृति बेरहमी से प्रहार करती है। #रूस “ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें लिसेट स्टूडियो नाम के एक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो मिला। यह वीडियो 9 अप्रैल 2021 को साझा किया गया है। वीडियो में बताया गया है कि 17 जून, 2017 की शाम स्थानीय समयानुसार लगभग 9:40 बजे, ग्रीनलैंड के उमियाम्मक्कु नुनात प्रायद्वीप के दक्षिणी ढलान पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ। कई दर्जन मिलियन क्यूबिक मीटर चट्टान और ढलान तलछट लगभग 1 किमी नीचे कांगिलिक फ्योर्ड में गिरे, जिससे एक सुनामी आई जो पश्चिम की ओर कर्राट फ्योर्ड परिसर में चली गई। इसी बीच, कैमरे में एक चौंकाने वाला पल कैद हो गया। दरअसल, मछुआरे ग्रीनलैंड के पश्चिमी तट पर आई सुनामी लहर को देखकर हैरान रह गए। हालांकि उन्होंने खुद को तेज लहरों से बचाने में सफल रहे।
इसके बाद हमें न्यूजफ्लेयर नाम के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो मिला। यह वीडियो 10 मई 2021 को साझा किया गया है। वीडियो में बताया गया गया है कि 17 जून 2017 को ग्रीनलैंड के उमियाम्मक्कु नुनात प्रायाद्वीप के दक्षिणी ढलान पर एक विशाल भूस्खलन हुआ। इसके बाद एक सुनामी आई जो पश्चिम की ओर कर्राट फ्योर्ड परिसर में चली गई। इसी बीच, कैमरे में एक पल कैद हो गया। जहां, मछुआरे ग्रीनलैंड के पश्चिमी तट पर आई सुनामी लहर से खुद बचाने में सफल रहे।
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो आठ साल पुराना है, हालांकि वीडियो को 2021 में साझा किया गया है।
इसके बाद हमने कीवर्ड के माध्यम से 2017 में ग्रीनलैंड में आई सुनामी के बारे में सर्च किया। इस दौराना द गार्डियन की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 19 जून 2017 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रीनलैंड की एक बस्ती में लहरों के आने से चार लोग लापता हो गए हैं। डेनमार्क की एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देर रात आई लहरें भूकंप के कारण समुद्र में भूस्खलन से उत्पन्न हुई होंगी। इसके कारण समुद्र में उफान आया होगा। ग्रीनलैंड सरकार ने कहा कि उत्तर-पश्चिम में नुउगात्सियाक का छोटा सा गांव बाढ़ में डूब गया है, जबकि उसी क्षेत्र में दो अन्य स्थान, उउम्मन्नाक और इलोरसूट भी इस सुनामी से प्रभावित हुए हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को आठ साल पुराना पाया है। इस वीडियो का रूस में आए सुनामी से कोई संबंध नहीं है। वायरल वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।








