सोशल मीडिया पर वक्फ कानून से जुड़े हुए कई वीडियो को शेयर किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक और वीडियो को शेयर हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस की एक टीम बिल्डिंग में जाती हुई नजर आ रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि वक्फ बिल आने के बाद मदरसों को सील किया जा रहा है। पुलिस जबरन वक्फ बिल के नाम पर मदरसों पर ताले लगा रही है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। यह वीडियो वक्फ बिल आने से पहले का है। वक्फ बिल को अप्रैल में पेश किया गया और लागू किया गया लेकिन वायरल हो रहा वीडियो मार्च 2025 का है।
आपको बता दें कि वक्फ संशोधन अधिनियम 8 अप्रैल से देशभर में लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी की है कि वक्फ अधिनियम को प्रभावी कर दिया गया है। पिछले सप्ताह संसद के दोनों सदनों से विधेयक के पास होने के बाद राष्ट्रपति ने भी वक्फ संशोधन अधिनियम को मंजूरी दी।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके एक एक्स यूजर ने दावा किया कि पुलिस जबरन नए वक्फ कानून के नाम पर मदरसों और मस्जिदों को बंद करवाना चाहती है।
उवेद मुअज्जम (@mohd_uved) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “वक़्फ़ बिल को तो सिर्फ आधार बनाया गया है। देखिए मदरसों को जांच के नाम पर सील करने का फ़रमान जारी होने लगा है।”
पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई और दावे आप यहां और यहां भी देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इस वीडियो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें सलमान अली नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो 24 मार्च को पोस्ट मिला। इस वीडियो को पोस्ट करने कैप्शन में लिखा गया था “मदरसा बोर्ड मे अगर नहीं हुआ होगा रजिस्ट्रेशन तो मदरसा होगा सील,भगवानपुर तहसील प्रशासन द्वारा संचालित मदरसों की छानबीन”

खबर के बारे में अधिक जानने के लिए हमने अमर उजाला की न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें पता चला कि यह मामला 24 मार्च का है। बताया गया कि बिना पंजीकरण और मान्यता के संचालित हो रहे मदरसों की जांच के दौरान प्रशासनिक टीम ने लक्सर और भगवानपुर क्षेत्र में छह मदरसों को सील कर दिया है। इससे पहले प्रशासन भगवानपुर में 12 और लक्सर क्षेत्र में तीन मदरसों पर कार्रवाई कर चुका है।

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को वक्फ बिल से जोड़कर भ्रामक दावा किया जा रहा है।