सुप्रीम कोर्ट ने बीते 11 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में तुरंत शेल्टर होम बनाने और कुत्तों को वहां ले जाने का आदेश दिया, साथ ही उन्हें छोड़ने पर रोक लगाई। कोर्ट ने आठ हफ्तों में शेल्टर की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद कुछ लोगो इस फैसले का विरोध करने के लिए सड़क पर उतर आए। अब इस मामले की सुनवाई तीन जजों की बेंच कर रही है। इन सबके बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि एक आदमी बोरी में से मरे हुए कई कुत्तों को निकालकर रोड पर रख रहा है। इस वीडियो को दिल्ली का बताकर शेयर किया जा रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद दिल्ली में कुत्तों की हालत खराब है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि वीडियो दिल्ली का नहीं है। असल में यह वीडियो भारत का भी नहीं है, यह घटना वियतनाम की है यहां एक शख्स के पास से 12 कुत्तों के शव मिले थे।
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है दिल्ली में कुत्तों की हालात विचलित करने वाली है। कुत्तों के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस तरह का अत्याचार हो रहा है।
एडवोकेट नाजनीन अख्तर (@NazneenAkhtar23) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “कुत्ते को पकड़ कर एक जगह रखने के लिए बोला गया है या कुत्ते मारने को बोला गया है? अगर ये कुत्ते मारने की नीति चल रही है तो ये नहीं होना चाहिए इसके लिए आवाज उठानी चाहिए? क्या कहते हो आप..?” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो Huỳnh MaiCà Mau Quê Tôi नाम के एक फेसबुक चैनल पर 4 अगस्त को पोस्ट मिला। इस वीडियो को पोस्ट करके वियतनामी भाषा में लिखा गया था, “जिया राय वार्ड, सीए मऊ में चोरों का पेशेवर समूह।”
कीवर्ड से सर्च करने पर हमें एक वियतनामी वेबसाइट में इससे जुड़ी मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट को 5 अगस्त 2025 को प्रकाशित करके बताया गया है, “स्थानीय अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि दक्षिणी वियतनाम के सीए मऊ प्रांत में पुलिस ने जिया राय वार्ड में कुत्तों की चोरी के संदेह में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, तथा उनके पास से 12 मृत कुत्ते और पालतू जानवरों की चोरी में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जब्त किए हैं। संदिग्धों की पहचान Lam Hai Trung (37) और Quach Dung Binh (45) के रूप में हुई है, दोनों माऊ में रहते हैं।”
आगे हमें वियतनाम की एक और मीडिया रिपोर्ट मिली। इसमें इस घटना का जिक्र किया गया था। इस रिपोर्ट को 4 अगस्त 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि “कुत्ते की चोरी के संबंध में, सीए माऊ प्रांतीय पुलिस ने “संपत्ति की चोरी” के अपराध की जांच के लिए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। लाम हाई ट्रुंग, 37 वर्ष, लॉन्ग डिएन कम्यून से और क्वाच डुंग बिन्ह, 45 वर्ष, बाक लियू वार्ड, का माऊ प्रांत से है। तुओई त्रे अखबार ने सीए माऊ प्रांत के जिया राय वार्ड पुलिस के हवाले से बताया कि हाल ही में वार्ड में कुत्ते चोरों का एक समूह संगठित तरीके से सक्रिय दिखाई दिया है। 3 अगस्त को सुबह लगभग 2:00 बजे, निगरानी के दौरान, पुलिस को दो संदिग्ध, ट्रुंग और बिन्ह, संदिग्ध चिन्हों वाली मोटरसाइकिल पर सवार और दो काले नायलॉन बैग लिए हुए दिखाई दिए, इसलिए उन्होंने उन्हें रोक लिया। जांच करने पर, अधिकारियों को बैग में 12 मरे हुए कुत्ते और कुत्तों को चुराने में इस्तेमाल होने वाले कई औज़ार मिले। दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि यह घटना भारत की नहीं बल्कि वियतनाम की है। इसे भारत का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।








