Fact Check: समुद्र के अंदर राम सेतु का निरीक्षण करते गोताखोरों का वीडियो एआई से बना, पढ़ें पड़ताल
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: समुद्र के अंदर राम सेतु का निरीक्षण करते गोताखोरों का वीडियो एआई से बना, पढ़ें पड़ताल

Spread the love


सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस  वीडियो में  समुद्र के अंदर कुछ पुराने अवशेष दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में समुद्र के अंदर कुछ मूर्तियां और पुराने मंदिर के साथ एक पुल भी नजर आ रहा है। पानी में कुछ लोग उन अवशेषों को इकट्ठा करते हुए और देखते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि समुद्र के अंदर से रामसेतु के तस्वीर सामने आई है।अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो एआई के द्वारा  बनाया गया है। इस वीडियो के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने के बारे में हमें अपनी पड़ताल में पता चला। 

Trending Videos

आपको बता दें कि महाकाव्य रामायण में राम सेतु को भगवान राम के द्वारा बनाए जाने का जिक्र मिलता है। इस राम सेतु के अब समुद्र के नीचे होने का दावा किया जाता है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल है उसमें गोताखोरों को पानी के अंदर प्राचीन अवशेषों का निरीक्षण करते हुए दिखाया गया है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर इस वीडियो को कई अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया जा रहा है। 

  रंजना सिंह नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “समुद्र के अंदर से रामसेतु का दृश्य”। पोस्ट का स्क्रीनशॉट, लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

 इस तरह के एक और दावे का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को ध्यान से देख तो हमें इस वीडियो में कुछ विसंगतियां नजर आईं। यह वीडियो काफी हाई रेज्युलेशन में नजर आ रहा था। इस तरह का क्लियर वीडियो आमतौर पर एआई के माध्यम से ही बनाया जाता है। आगे हमें गोताखोरों की अंगुलियों में भी कुछ विसंगतियां नजर आईं। साथ ही गोताखोरों के कान भी खुले हुए थे। मूर्ति में अलग तरह का प्रकाश भी नजर आ रही है, जिससे इस वीडियो के एआई से बने होने के संकेत मिलते हैं।

आगे हमने वीडियो के कीफ्रेम्स में बांटा और सर्च किया। कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करने पर हमे Bharath FX नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला। यहां हमें वह वीडियो मिला जिसमें वायरल वीडियो मौजूद थे। इस वीडियो के पोस्ट करके इसके साथ कैप्शन में एक नोट लिखा गया था “यहाँ दिखाए गए सभी दृश्य AI द्वारा बनाए गए हैं और विशुद्ध रूप से कलात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। हम सभी मान्यताओं और परंपराओं का गहराई से सम्मान करते हैं।” 

पड़ताल का नतीजा

इस वीडियो की पड़ताल करने से यह साफ है कि वीडियो एआई के माध्यम से बनाया गया है। इसमें किसी भी तरह की सत्यता होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *