सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में सीडीएस अनिल चौहान बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सीडीएस का कहना है कि बांग्लादेश का जेएफ-17 खरीदना भारत के लिए चिंता की बात है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो को एआई की मदद से बना गया है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सीडीएस अनिल चौहान का कहना है कि बांग्लादेश का जेएफ-17 खरीदना भारत के लिए चिंता की बात है।
दरअसल, बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच जेएफ-17 लड़ाकू विमान को लेकर एक रक्षा समझौता होने की संभावना जताई जा रही है। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट डेली स्टार ने पाकिस्तानी सेना के हवाले से बताया कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के वायु सेना प्रमुखों ने जेएफ-17 लड़ाकू विमान की बिक्री से संबंधित संभावित समझौते पर बातचीत की।
सलाहुद्दीन दुलोक (@MdSaladin143684) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “भारतीय सीडीएस ने जेएफ-17 को एक सिद्ध प्लेटफॉर्म बताया है। बांग्लादेश द्वारा संभावित खरीद को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें समाचार एजेंसी पीटीआई के एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो से संबंधित कुछ क्लिप देखने को मिली। यह पोस्ट 7 जनवरी 2026 को साझा की गई है। यहां हमें कहीं भी सीडीएस अनिल चौहान बांग्लादेश के बारे में जिक्र करते हुए नजर नहीं आए है। यहां पर सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिन्हा स्मृति व्याख्यान को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “हम दिवंगत लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिन्हा के जन्मदिवस को याद करने और भारत के रणनीतिक चिंतन, राष्ट्र निर्माण और आज के समय में उनकी अमिट विरासत पर विचार करने के लिए एकत्रित हुए हैं। एक सम्मानित फील्ड कमांडर, सैन्य विचारक, राजनयिक और राज्यपाल, वह अंततः हृदय से एक सैनिक थे, जो अपनी स्पष्टता, सत्यनिष्ठा और दूरदर्शिता के लिए जाने जाते थे, जैसा कि उनके अपने शब्दों और लेखों में परिलक्षित होता है, जिन्होंने पीढ़ियों को प्रभावित किया।”
यहां से पता चलता है कि सीडीएस अनिल चौहान ने बांग्लादेश का जिक्र नहीं किया है। इसके बाद हमने वीडियो को ध्यान से देखा। यहां हमें वायरल वीडियो की क्वालिटी काफी ज्यादा नजर आई, जो अधिकतर एआई से बने वीडियो में होती है। यहां से हमें वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ। वीडियो के पड़ताल के लिए हमने हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को 85.8 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
इसके बाद हमने undetectable.ai टूल से वीडियो के पड़ताल किया। इस दौरान हमें इस टूल ने भी वायरल वीडियो को मात्र एक फीसदी असली होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया। इस वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।








