सोशल मीडिया पर रॉकेट जैसे दिखने वाले किसी ऑब्जेक्ट के आसमान से पृथ्वी पर लैंडिंग का एक वीडियो वायरल है। यूजर्स इसे सुनीता विलियम्स की पृथ्वी पर वापसी का वीडियो बताकर शेयर कर रहे हैं।
बूम ने जांच में पाया कि यह वीडियो अक्टूबर 2024 में SpaceX द्वारा स्टारशिप रॉकेट के साथ किए गए एक सफल परीक्षण का है। इसमें पहली बार रोबोटिक आर्म्स का उपयोग करके विशाल बूस्टर को लैंडिंग के दौरान जमीन पर आने से पहले ही कैद कर लिया गया था, ताकि इसे दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सके।
क्या है दावा
गौरतलब है कि 19 मार्च 2025 को सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर और उनके दो अन्य साथियों ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापसी की है। सुनीता विलियम्स ने लगभग नौ महीने आईएसएस में बिताने के बाद SpaceX क्रू ड्रैगन कैप्सूल के माध्यम से वापसी की थी. इस क्रू ड्रैगन कैप्सूल की लैंडिंग फ्लोरिडा के समुद्र में हुई थी. इसी संदर्भ में यह असंबंधित पुराना वीडियो वायरल हो रहा है।
फेसबुक पर एक यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘ये कोई साइंस फिक्शन मूवी का दृश्य नही है ये दृश्य है सुनीता विलियम्स के अन्तरिक्ष से वापसी की। भारत की बेटी 9 माह बाद अंतरिक्ष से घर वापस आई सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई।’

इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी यह वीडियो इसी दावे से वायरल है।
फैक्ट चेक
बूम ने दावे की पड़ताल के लिए वायरल वीडियो के एक कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया तो पाया कि यह वीडियो SpaceX के स्टारशिप रॉकेट के एक सफल परीक्षण का है। इस दौरान रॉकेट के विशाल बूस्टर को लैंडिंग के दौरान जमीन पर गिरने से पहले ही रोबोटिक आर्म्स का उपयोग करके पकड़ लिया गया था।
हमें फेसबुक पर 14 अक्टूबर 2024 को एक यूजर द्वारा शेयर की गए एक पोस्ट मिली। इसमें वायरल वीडियो वाले स्क्रीनशॉट भी शामिल हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया, ‘SpaceX parked a 233 foot spaceship’.
इसी से संकेत लेकर संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर हमें कई मीडिया आउटलेट ( द गार्डियन, न्यूयार्क टाइम्स, सीबीएस न्यूज और स्काई न्यूज ) पर इसकी न्यूज रिपोर्ट भी मिलीं।
द गार्डियन की रिपोर्ट में बताया गया कि एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने 13 अक्टूबर 2024 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली। SpaceX ने अपनी स्टारशिप रॉकेट का सफल परीक्षण किया, जिसमें पहली बार विशाल रोबोटिक आर्म्स का उपयोग करके विशाल बूस्टर को लैंडिंग के दौरान पकड़ लिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, यह परीक्षण टेक्सास के बोका चीका स्थित स्टारबेस से सुबह 7:25 बजे शुरू हुआ। रॉकेट का 71 मीटर लंबा ‘सुपर हेवी’ बूस्टर पृथ्वी से 40 मील (65 किमी) ऊपर जाकर अलग हुआ। वहीं रॉकेट का ऊपरी चरण लगभग 90 मील की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद 17,000 मील प्रति घंटे की गति से पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए हिंद महासागर में लैंड हो गया।
इसके बाद बूस्टर के तीन रैप्टर इंजनों को पुनः प्रज्वलित किया गया, लैंडिंग की स्पीड कम की गई और फिर उसे ‘मेचाजिला’ लॉन्च टॉवर की रोबोटिक आर्म्स द्वारा सुरक्षित रूप से पकड़ लिया गया।
रिपोर्ट में लिखा गया कि यह उपलब्धि SpaceX के पूर्ण फुली रियूजेबल रॉकेट विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में मानवों और कार्गो को चंद्रमा और मंगल तक ले जाने में सक्षम होंगे।
इकॉनोमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि लॉन्च टावर में विशाल यांत्रिक भुजाएं लगी थीं, जिन्हें ‘चॉपस्टिक्स’ कहा गया है। इन्हें 232 फीट (71 मीटर) लंबे बूस्टर को नीचे आते समय पकड़ने के लिए डिजाइन किया गया था। एलन मस्क ने इस उपलब्धि पर उत्साह जताते हुए एक्स पर लिखा, ‘टावर ने रॉकेट को पकड़ लिया।’
स्काई न्यूज पर इस पूरी घटना का वीडियो देखा जा सकता है।
SpaceX के आधिकारिक हैंडल से भी इसका वीडियो शेयर किया गया था।
Mechazilla has caught the Super Heavy booster! pic.twitter.com/6R5YatSVJX
— SpaceX (@SpaceX) October 13, 2024
सुनीता विलियम्स और उनके साथियों की अंतरिक्ष से पृथ्वी पर वापसी को इस वीडियो में देखा जा सकता है।
(This story was originally published by BOOM as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)








