Fact Check:  17 साल पुरानी इराक की तस्वीर को मोरक्को का बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ेंं पूरी पड़ताल
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Fact Check: 17 साल पुरानी इराक की तस्वीर को मोरक्को का बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ेंं पूरी पड़ताल

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सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर हो रही है। तस्वीर में एक व्यक्ति एक कुत्ते को गोली मारते हुए नजर आ रहा है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मोरक्को में कुत्तों की सामूहिक हत्या पर दुनिया खामोश है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर मोरक्को की नहीं है। बल्कि इराक की है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर मोरक्को की है, जहां सरेआम कुत्तों को गोली मारी जा रही है। 

अजात (@AzatAlsalim) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “मोरक्को में कुत्तों के नृशंस हत्या पर दुनिया खामोश है। राजा ने 2030 के विश्व कप से पहले सभी कुत्तों को खत्म करने का आदेश दिया (30 लाख आवारा कुत्ते)। तरीके- उन्हें सड़कों पर गोली मारना – ज़हर देना – ज़िंदा जलाना – पिंजरों में डुबो देना।“  पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।



इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल के लिए कीवर्ड सर्च किया। इस दौरान हमें सीएनएन की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 20 जून 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट मेंं लिखा है कि अंतर्राष्ट्रीय पशु कल्याण संरक्षण गठबंधन के प्रमुख लेस वार्ड ने सीएनएन को बताया, “बंदूकों से लैस लोग अक्सर रात में सड़कों पर निकल आते हैं और कुत्तों को गोली मार देते हैं।” “दूसरों को पकड़कर नगर निगम के दवाखानों में ले जाया जाता है जहां उन्हें जहर दिया जाता है। वे बस गायब हो जाते हैं।” इफ्राने प्रांतीय पर्यटन परिषद के अध्यक्ष उमर जैद ने सीएनएन को बताया कि शहर ने “2030 फीफा विश्व कप की तैयारियों के तहत, सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाना शुरू कर दिया है।” इफ्राने, फेज स्टेडियम से लगभग 40 मील (करीब 64 किलोमीटर) की दूरी पर है, जो प्रस्तावित टूर्नामेंट स्थलों में से एक है और जहां हजारों दर्शकों के साथ-साथ कई राष्ट्रीय फुटबॉल टीमों के आने की उम्मीद है। दरअसल, मोरक्को 2030 में फीफा विश्व कप की मेजबानी करने वाला है। इसके साथ ही मोरक्को के साथ स्पेन और पुर्तगाल भी है। 

 

यहां से पता चलता है कि मोरक्को में फीफी वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए कुत्तोंं को मार जा रहा है। 

इसके बाद हमने तस्वीर की पड़ताल के लिए तस्वीर को गूगल रिवर्स इंजन पर सर्च किया। इस दौरान हमें डेसेरेट न्यूज की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 25 जुलाई 2010 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। इसके साथ ही लिखा है कि इराकी पुलिस अधिकारी कासिम अहमद बगदाद में एक आवारा कुत्ते पर गोली चलाने से पहले निशाना साधते हुए। 

 

इसके बाद हमें सैन डिएगो यूनियन ट्रिब्यून की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 नवंबर 2008 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में लिखा है कि इराकी पुलिस अधिकारी कासिम अहमद, रविवार, 23 नवंबर, 2008 को बगदाद, इराक के मंसूर इलाके में एक आवारा कुत्ते को गोली मारने से पहले निशाना साधते हुए। बगदाद के अधिकारियों ने रविवार को 200 से ज्यादा आवारा कुत्तों को मार डाला। यह राजधानी में निवासियों पर हमलों की एक श्रृंखला के बाद घूमने वाले कुत्तों के झुंड को नियंत्रित करने के अभियान का पहला दिन था। 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को 17 साल पुरानी और इराक की  पाई है। 



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