सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि लोगो की भीड़ मंच पर गाना गा रहे बैंड को सुन रही है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि वेनेजुएला के लोग 3 जनवरी को अमेरिका द्वारा गिरफ्तार किए गए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। यह वीडियो 2019 में चिली में किराया वृद्धि के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन का है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद वहां के लोग अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
KomandoANTIFA (@LEspartakista) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “अगर लोग मिलकर लड़ते हैं, तो उन्हें कोई हरा नहीं सकता। वेनेजुएला के बारे में सच्चाई यह है: लोग अपने किडनैप किए गए राष्ट्रपति की आज़ादी की मांग कर रहे हैं। पश्चिमी मीडिया की जानकारी झूठी है और चाविस्टा आंदोलन को बांटने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह कामयाब नहीं हो रही है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो INTI-ILLIMANI नाम के एक यूट्यूब चैनल पर देखने को मिला। यहां वीडियो को 2019 में पोस्ट किया गया था। इस वीडियो को शेयर करके कैप्शन लिखा गया था “एकजुट लोग कभी हार नहीं मानेंगे।” इसके साथ आगे वीडियो के बारे में जानकारी देते हुए लिखा गया था “एकजुट लोग कभी हार नहीं मानेंगे सर्जियो ओर्टेगा हमने गाया… हमने किसी को अंधा नहीं किया, हमने किसी का रेप नहीं किया, हमने किसी को पीटा या टॉर्चर नहीं किया…हमने गाया… और हमारे साथ हजारों लोग थे… यह बहुत सुंदर और उम्मीद भरा था…”
आगे सर्च करने पर हमें इंडिपेंडेंट पर इस वीडियो से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट मिली। 15 दिसंबर 2019 को प्रकाशित इस रिपोर्ट में बताया गया था कि चिली में ट्रांसपोर्ट के किराए में बढ़ोतरी के जवाब में पिनेरा सरकार के खिलाफ़ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन दो महीने से चल रहे हैं। आखिरकार, राजधानी सैंटियागो में, हज़ारों लोग इटली स्क्वायर में इकट्ठा हुए, जिसे अब लोग “प्रिंस स्क्वायर” कहते हैं, और एक साथ गाया “एल प्यूब्लो यूनिडो जामास सेरा वेन्सिडो / एकजुट लोग कभी हार नहीं मानेंगे,” यह गाना दुनियाभर में फासीवाद के खिलाफ़ संघर्ष का एक एंथम बन गया है। इस कॉन्सर्ट में साल्वाडोर अलेंदे के समय में बने एक क्रांतिकारी म्यूज़िक ग्रुप इंटि इलिमानी के साथ-साथ कई दूसरे म्यूज़िक ग्रुप और कलाकारों ने भी हिस्सा लिया।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो का वेनेजुएला से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो 2019 में किराया बढ़ाने के विरोध में चिली में हुए प्रदर्शन के दौरान का है।








