सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक महिला किसी कार्यक्रम में बैठकर सेल्फी कैमरा से वीडियो बना रही है। इस वीडियो में कुछ मंत्रों को पढ़ने की आवाज सुनाई दे रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि हाल ही में जयपुर में नए कांग्रेस ऑफिस के उद्घाटन में, कलमा पढ़ा गया, जबकि गणेश पूजा या सुंदरकांड पाठ का कोई नामोनिशान नहीं था। घटना के जरिए कांग्रेस के किसी एक पक्ष की तरफ झुका हुआ बताया जा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया यह वीडियो हालिया नहीं बल्कि 2023 का है। यह वीडियो 2023 में स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के सम्मान में आयोजित एक इंटरफेथ प्रेयर मीट का था।
क्या है दावा
एक कार्यक्रम में कलमा पढ़ने के वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि जयपुर में कांग्रेस के नए कार्यालय के उद्घाटन में कलमा पढ़ा गया।
एमएस भूमि (@ibmindia20) नाम की एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “जयपुर में खुले कांग्रेस के नए कार्यालय के उद्घाटन पर कोई सुंदरकांड नहीं, गणेश पूजा नहीं बल्कि कल•मा पढ़ा गया। और कोंग्रेस के हिंदू कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया किसी ने भी विरोध नहीं किया।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करते हुए हमने वीडियो को ध्यान से देखा। यहां हमें वायरल वीडिये के अंत में दिखा “Heena Khan was live”
आगे हमने इस अकाउंट को फेसबुक पर सर्च किया। हमें हिना खान के फेसबुक अकाउंट मिला। यहां उन्होंने खुद को कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया था। उन्होंने अपनी प्रोफाइस पर हैशटैग महासचिव, जयपुर जैसे टैग का भी इस्तेमाल किया था। वायरल वीडियो में अंत में दिख रही तस्वीर भी हिना खाना की प्रोफाइल फोटो से मेल खा रही थी।
लेकिन यहां हमें कहीं भी हिना खान का लाइव वीडियो देखने को नहीं मिला। हालांकि हमें 2023 में एक पोस्ट मिला। जिसमें चार अलग-अलग तस्वीरें थी। इस तस्वीर में एक फोटो में वायरल वीडियो में दिख रही महिला वैसे ही नजर आ रही थी। 31 अक्तूबर 2023 को इसे शेयर करके कैप्शन दिया गया था “पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन।”
आगे किफ्रेम्स को माध्यम से हमने इस वीडियो को सर्च किया तो हमें एक एक्स अकाउंट पर यह वीडियो 2023 में पोस्ट मिला। इस पोस्ट में भी हाल ही में हो रहा दावा किया गया था।
यहां से साफ हो गया कि यह वीडियो हालिया नहीं है बल्कि 2023 से इंटरनेट पर मौजूद है। वीडियो को हालिया बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2023 से इंटरनेट पर मौजूद है। इसका हालिया होने का दावा भ्रामक है।








