इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में नजर आ रहा है कि नीले आसमान में एक रॉकेट है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत का PSLV-C61 मिशन पाकिस्तान के साइबर हमले की वजह से फेल हो गया है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को झूठा पाया है। पड़ताल के दौरान पता चला कि भारत का PSLV-C61 मिशन में तकनीकी कारणों के वजह से असफल हो गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( इसरो) ने खुद इसकी जानकारी अपने एक्स हैंडल पर दी है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत का पीएसएलवी-सी 61 मिशन पाकिस्तान के साइबर हमले की वजह से फेल हो गया है।
ब्लैक स्टैलियन (@ब्लैकस्टैलियन) नाम के एक एक्स यूजर ने तस्वीर को शेयर कर लिखा, “रॉकेट साइंस को हैक कर लिया गया, साइबर हमले के कारण भारत का जासूसी उपग्रह प्रक्षेपण विफल।” इसके साथ ही पाकिस्तान और पाकिस्तानी हैशटैग का इस्तेमाल किया गया है। दावे की लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

मोहम्मद वसीम त्यागी(@muhd_waseem1443) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “ब्रेकिंग, पाकिस्तान का दावा, भारत के सबसे बड़े जासूसी सेटेलाइट PSLV-C61 (EOS-09) पाकिस्तान के साइबर अटैक की वजह से विफल हुआ, बीच रास्ते में ब्लास्ट हुआ रॉकेट।” दावे की लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई और दावे के लिंक आप यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
पड़ताल के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें यह तस्वीर हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में मिली। रिपोर्ट में बताया गया था कि रविवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का 101वां प्रक्षेपण यान कुछ ही मिनटों के बाद विफल हो गया। इसरो के चेयरमैन वी नारायणन के अनुसार तकनीकी कारण के वजह से यह मिशन असफल हो गया है।
इसके बाद हमने रिपोर्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें एक्स पर इसरो की एक पोस्ट मिली। इसरो ने एक्स पर बताया कि आज 101वां प्रक्षेपण प्रयास किया गया। PSLV-C61 का प्रदर्शन दूसरे चरण तक सामान्य रहा। लेकिन तीसरे चरण में अवलोकन के कारण मिशन पूरा नहीं हो सका।
इसके बाद हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया, यहां से हमें पता चला कि इसरो का PSLV-C61 मिशन तकनीकी कारणों से सफल नहीं हो सका। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तीसरे चरण में प्रेशर कम होने की वजह से सैटेलाइट अपनी जगह तक नहीं पहुंच पाया। हालांकि इसरो जल्द ही इसकी जांच पूरी कर एक तकनीकी रिपोर्ट जारी करेगा।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वायरल पोस्ट भ्रामक है। भारत का PSLV-C61 मिशन तकनीकी कारण के वजह से असफल हुआ है।








