Famous Bollywood singer Zubin Garg passes away | ‘या अली’ गाने के लिए मशहूर जुबीन गर्ग का निधन: सिंगापुर में स्कूबा डायविंग करते समय घायल हुए थे; अस्पताल में मौत
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Famous Bollywood singer Zubin Garg passes away | ‘या अली’ गाने के लिए मशहूर जुबीन गर्ग का निधन: सिंगापुर में स्कूबा डायविंग करते समय घायल हुए थे; अस्पताल में मौत

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8 घंटे पहले

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जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। उन्होंने 40 से ज्यादा भाषाओं और बोलियों में 38 हजार से ज्यादा गाने गाए। - Dainik Bhaskar

जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। उन्होंने 40 से ज्यादा भाषाओं और बोलियों में 38 हजार से ज्यादा गाने गाए।

‘या अली’ फेम सिंगर जुबीन गर्ग का 52 साल की उम्र में सिंगापुर में निधन हो गया। स्कूबा डाइविंग करते वक्त उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। इसके बाद गार्ड्स ने समुद्र से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई।

जुबीन गर्ग को 2006 में इमरान हाशमी स्टारर फिल्म गैंगस्टर के सॉन्ग ‘या अली’ से फेम मिला था।

वे दो दिन पहले सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने गए थे। यह तीन दिवसीय फेस्टिवल शुक्रवार यानी 19 सितंबर को शुरू होने वाला था, जिसमें जुबीन 20 सितंबर को परफॉर्म करने वाले थे।

सोशल मीडिया में जुबीन गर्ग का आखिरी वीडियो वायरल है। इसे सिंगापुर के एक होटल में गुरुवार रात का बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया में जुबीन गर्ग का आखिरी वीडियो वायरल है। इसे सिंगापुर के एक होटल में गुरुवार रात का बताया जा रहा है।

नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के प्रतिनिधि अनुज कुमार बोरूआ ने बताया- ‘हमें बहुत दुख के साथ जुबीन गर्ग के निधन की खबर बतानी पड़ रही है।

स्कूबा डाइविंग के दौरान उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई और उन्हें तुरंत सीपीआर दिया गया, जिसके बाद उन्हें सिंगापुर जनरल अस्पताल ले जाया गया। उन्हें बचाने की कोशिशों के बावजूद, उन्हें आईसीयू में दोपहर 2.30 बजे मृत घोषित कर दिया गया।’

सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट पर मंगलवार को जुबीन (दाएं से दूसरे) का स्वागत करते फैंस।

सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट पर मंगलवार को जुबीन (दाएं से दूसरे) का स्वागत करते फैंस।

असम के तिनसुकिया में जन्मे, अभिनेता और निर्देशक रहे जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। वे असमिया और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता और निर्देशक रहे। उन्होंने असमिया, हिंदी, बांग्ला और अंग्रेजी में गाना गाए।

इसके अलावा सिंगर ने बिष्णुप्रिया मणिपुरी, आदि, बोरो, अंग्रेजी, गोलपारिया, कन्नड़, कार्बी, खासी, मलयालम, मराठी, मिसिंग, नेपाली, उड़िया, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, तिवा सहित 40 भाषाओं और बोलियों में 38 हजार से ज्यादा गाना गए। जुबीन असम के हाईएस्ट पेड सिंगर थे।

छोटी बहन भी सिंगर थी, उनकी भी हादसे में मौत हुई थी

जुबीन गर्ग की छोटी बहन जोंगकी बारठाकुर भी गायक थी। उनकी 18 साल की उम्र में 23 साल पहले हादसे में मौत हुई थी।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, 12 जनवरी, 2002 को असम के सोनितपुर जिले में जोंगकी अपने भाई के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सूटिया शहर जा रही थीं। तभी उनकी कार की ट्रक से टक्कर हो गई।

जुबीन भी उसी कार में थे, लेकिन दुर्घटना के कुछ मिनट पहले वे दूसरी कार में शिफ्ट हो गए थे।

जुबिन बहन जोंगके के साथ। फाइल फोटो

जुबिन बहन जोंगके के साथ। फाइल फोटो

राहुल ने कहा- उनकी आवाज पीढ़ी की पहचान बनी

  • PM नरेंद्र मोदी, “लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग के निधन से दुखी हूं। संगीत में उनका योगदान याद रहेगा। परिवार और प्रशंसकों को संवेदना। ॐ शांति।”
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी, “जुबीन गर्ग का निधन बड़ी त्रासदी है। उनकी आवाज पीढ़ी की पहचान बनी। संघर्ष और साहस से असमिया संगीत को नया रूप दिया। वे हमेशा याद रहेंगे।”
  • असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “आज असम ने अपने एक लाड़ले बेटे को खो दिया। जुबीन असम के लिए क्या मायने रखते थे, यह बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। वह बहुत जल्दी चले गए, यह जाने की उम्र नहीं थी।”
  • केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, “खेलो इंडिया गायक जुबीन गर्ग नहीं रहे। उनकी जादुई आवाज और बहुमुखी प्रतिभा हमेशा याद रहेगी। उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।”
जुबीन के निधन की खबर सुनने के बाद उनके प्रशंसक गुवाहाटी में उनके घर पहुंच गए।

जुबीन के निधन की खबर सुनने के बाद उनके प्रशंसक गुवाहाटी में उनके घर पहुंच गए।

अंडर वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स है स्कूबा डाइविंग

स्कूबा डाइविंग पानी के अंदर होने वाला एक एडवेंचर स्पोर्ट्स है। इस दौरान स्कूबा ड्राइवर सांस लेने वाले उपकरणों को पहने पानी के अंदर उतरते हैं। आमतौर पर स्कूबा डाइविंग सेफ एडवेंचर स्पोर्ट्स माना जाता है। जिन लोगों को स्विमिंग नहीं आती है, वो भी प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर की मदद से स्कूबा डाइविंग एक्सपीरियंस कर सकते हैं।

पानी में तल तक जाने के लिए ड्राइवर को स्नोर्कल मास्क और पंखों के साथ-साथ, पानी के नीचे की दुनिया में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों यानी सेल्फ-कंटेन्ड अंडरवाटर ब्रीदिंग (SCUB) अपरेटस की जरूरत होती है।

इसमें एक स्कूबा गियर, एक रेगुलेटर, एक स्कूबा टैंक और एक बाउंसी कंट्रोल डिवाइस (BDS) शामिल होता है, जिसकी मदद से गोताखोर पानी के भीतर सांस लेते हैं। जिस किसी को भी कार्डियक से जुड़ी प्रॉब्लम होती है, उनके लिए इसे सेफ नहीं माना जाता है।

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