मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूर्व सैनिक विवेक सिंह राठौर की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। विपक्षी कमांडेंट ब्रिगेडियर मनीष जैन समेत अन्य पर दुकान आवंटन में धोखाधड़ी, कूटरचना, जबरन वसूली, धमकी और अमानत में खयानत के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने प्रकरण में बयान के लिए 17 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में पूर्व सैनिक ने बताया कि वर्ष 2023 में सिख लाइट इन्फैंट्री रेजीमेंट सेंटर के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में उसे 3500 रुपये प्रतिमाह किराये पर दुकान आवंटित की गई थी। विपक्षीगण ने धोखे से 12 हजार रुपये प्रतिमाह किराये का अनुबंध हस्ताक्षरित करा लिया। इसके बाद अधिक किराये के साथ रंगदारी के नाम पर 20 हजार रुपये भी वसूल किए गए। विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी देकर दुकान बंद करा दी तथा अंदर रखा लाखों रुपये का सामान भी रोक लिया गया। पूर्व सैनिक ने दुकान का ताला तोड़कर किसी अन्य को आवंटित किए जाने से करीब 10 लाख रुपये की आर्थिक क्षति होने का भी आरोप लगाया। पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज न होने पर न्यायालय की शरण ली।







