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आईआईटी दिल्ली में खुलीं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और बायो-इनोवेशन लैब्स, रिसर्च, स्टार्टअप्स, एमएसएमई को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
-तैयार हुईं हाईटेक सुविधाएं, हेल्थकेयर, जीनोमिक्स, डायग्नोस्टिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नवाचार को मिलेगी नई रफ्तार
देश में उन्नत विनिर्माण और बायोटेक्नोलॉजी आधारित अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान ने आईसीआईसीआई फाउंडेशन के सहयोग से अपग्रेडेड फाउंडेशन फॉर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग (एफएसएम) लैब और उन्नत बायो-इनोवेशन लैब का उद्घाटन किया। इन दोनों सुविधाओं का उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, नवाचारकर्ताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना है। ताकि वे अपने विचारों को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचा सकें। उद्घाटन समारोह में आईआईटी दिल्ली, आईसीआईसीआई बैंक और आईसीआईसीआई फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नई सुविधाओं में रिसर्च, प्रोटोटाइपिंग, टेस्टिंग, वैलिडेशन और स्किल डेवलपमेंट के लिए अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं। संस्थान का मानना है कि इन संसाधनों के माध्यम से हेल्थकेयर, डायग्नोस्टिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, जीनोमिक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नई तकनीकों के विकास को गति मिलेगी और उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित किए जा सकेंगे। एफएसएम लैब, वैज्ञानिक खोजों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलेगी बायो-इनोवेशन सुविधा आईआईटी दिल्ली की इंडस्ट्री 4.0 परिकल्पना के तहत विकसित एफएसएम लैब आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम, ऑटोमेशन तकनीक और रैपिड प्रोटोटाइपिंग सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां स्टार्टअप्स और एमएसएमई अपने उत्पादों को डिजाइन, विकसित, परीक्षण और परिष्कृत कर तेजी से बाजार में उतार सकेंगे। साथ ही उद्योग की मांग के अनुरूप स्किलिंग और सर्टिफिकेशन कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे रोजगार योग्य मानव संसाधन तैयार होंगे। वहीं, बायो-नेस्ट इन्क्यूबेटर के अंतर्गत विकसित उन्नत बायो-इनोवेशन लैब स्वास्थ्य, मेडिकल टेक्नोलॉजी, जीनोमिक्स और डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में कार्यरत शोधकर्ताओं और उद्यमियों को वैज्ञानिक खोजों को व्यवहारिक समाधान में बदलने का अवसर देगी। यहां मॉलिक्यूलर कैरेक्टराइजेशन, प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन, प्रोडक्ट वैलिडेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विकास, उद्योग अकादमिक सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण उपलब्धि आईआईटी दिल्ली के डीन (कॉरपोरेट रिलेशंस) प्रो जयंत जैन ने कहा, ये सुविधाएं नवाचार आधारित विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। इससे स्टार्टअप्स, छात्रों और एमएसएमई को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध होंगे, जो नए विचारों को प्रभावी समाधानों में बदलने में मदद करेंगे। एफएसएम के निदेशक एवं एसोसिएट डीन (आरएंडडी) प्रो सुनील झा ने कहा, यह लैब उन्नत विनिर्माण तकनीकों को उद्योगों तक पहुंचाने का सशक्त मंच बनेगी। इससे नवाचार की गति बढ़ेगी, उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।
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