राजधानी लखनऊ में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति थमने से लखनऊ की 800-1000 फैक्टरियां बंद होने की कगार पर जा पहुंची हैं। कार्टन बॉक्स, पैकेजिंग, फार्मा, स्नैक्स और फैब्रिकेशन के काम से जुड़ी वो फैक्टरियां जहां मशीनों में हीटिंग प्रक्रिया अपनाई जाती है, गैस न मिलने की वजह से एक से दो दिन में बंद होने की कगार पर हैं। ऐसे में सैकड़ों उद्यमियों समेत 50 हजार से ज्यादा कामगारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।
राजधानी में कार्टून बॉक्स व पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़ीं 45-50 फैक्टरियां हैं। रोलर को गर्म करने के लिए गैस की जरूरत होती है। रोलर के अंदर के बर्नर जलते हैं तो रोलर गर्म होता है और उसी से गत्ते की नालियां बनती हैं। इसके अलावा कॉमर्शियल किचन में नमकीन, बिस्किट, चिप्स व अन्य स्नैक्स बनाने वाली कंपनियां उत्पादों को तलने के लिए गैस का इस्तेमाल करती हैं। सिरप बनाने वाली दवा कंपनियां भी बड़े-बड़े कहाड़ों में दवा के घोल को गैस पर ही पकाती हैं। वहीं, एलपीजी के साथ ऑक्सीजन मिलाकर तैयार की जाने वाली बिल्डिंग गैस की भी किल्लत है जिससे फैब्रिकेशन इंडस्ट्री पर भी बड़ा असर पड़ा है।








