ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Jio का IPO पहले ही दिन 3 गुना भरा: ₹30 हजार करोड़ के शेयरों के लिए ₹67 हजार करोड़ की बोली लगी; 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा

Spread the love


  • Hindi News
  • Business
  • Jio IPO Launch | Reliance Digital Services Share Price Market Cap Update

मुंबई12 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का IPO खुलने के पहले ही दिन यानी 21 अक्टूबर को टारगेट से 3 गुना ज्यादा भर गया। देश के सबसे बड़े IPO में 30 हजार करोड़ रुपए के इश्यू के लिए 67 हजार करोड़ रुपए की बोली लग चुकी है। IPO 23 अक्टूबर तक खुला है।

कंपनी ने 30,188 करोड़ रुपए जुटाने के लिए कुल 27 करोड़ शेयर जारी किए हैं। बड़े इन्वेस्टर्स को 7.24 करोड़ शेयर बेचकर ₹8,110 करोड़ पहले ही मिल चुके हैं। आम लोगों के लिए रखे गए 19,75,25,934 शेयर्स के मुकाबले 60,10,21,860 शेयर्स के लिए आवेदन मिले हैं।

IPO को बड़े निवेशकों ने 9 गुना और आम लोगों ने 0.71 गुना सब्सक्राइब किया है। यह इश्यू ओवरऑल 3.04 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। ग्रे मार्केट के हिसाब से लिस्टिंग पर 23% तक रिटर्न मिल सकता है। लिस्टिंग के बाद मार्केट कैप ₹10.30 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

IPO में कम से कम ₹13,428 लगाने होंगे

जियो के एक शेयर की कीमत यानी प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 है। आम निवेशक को शेयर खरीदने के लिए कम से कम ₹13,428 लगाने होंगे, जबकि अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयर के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए ₹1.87 लाख रुपए लगेंगे।

पहले दिन सब्सक्रिप्शन की स्थिति

  • संस्थागत निवेशक: बड़े निवेशकों ने तय कोटे से 9 गुना ज्यादा बोली लगाई है।
  • आम निवेशक: इस कैटेगरी में अब तक IPO 73% सब्सक्राइब हो चुका हैं।
  • कर्मचारी: इनके तय हिस्से का 133% IPO सब्सक्राइब हो चुका है।
  • शेयरहोल्डर्स: रिलायंस के शेयरहोल्डर्स ने 141% शेयर्स के लिए बोली लगाई है।

1377 रुपए पर हो सकती है शेयरों की लिस्टिंग

लिस्ट होने के पहले कंपनी का शेयर ग्रे मार्केट में 23% यानी ₹258 प्रति शेयर के प्रीमियम पर पहुंच गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP के हिसाब से देखें तो अपर प्राइस बैंड ₹1,119 के लिहाज से इसकी लिस्टिंग (1119+258=₹1377) ₹1377 पर हो सकती है।

किन्हें मिलेगा शेयरहोल्डर रिजर्वेशन का फायदा?

एलिजिबल रिलायंस शेयरहोल्डर्स में वे व्यक्ति और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) शामिल हैं, जिनके पास कंपनी के रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP दाखिल करने की तारीख यानी 14 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पब्लिक इक्विटी शेयर थे। यह छूट लागू एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और रेगुलेटरी नियमों के अधीन होगी।

जुटाई गई रकम से कर्ज चुकाएगी कंपनी

इस IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की प्रमुख सब्सिडियरी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्जों के पेमेंट के लिए किया जाएगा। इसके अलावा जनरल कॉर्पोरेट के कामों के लिए भी फंड का इस्तेमाल किया जाएगा।

इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रह जाएगी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 33.57% से बढ़कर 35.52% हो जाएगी।

एंकर इन्वेस्टर्स से ₹8,110 करोड़ जुटाए

IPO पब्लिक के लिए ओपन होने से पहले कंपनी ने 212 एंकर इन्वेस्टर्स से 7.24 करोड़ शेयर्स बेचकर ₹8,110 करोड़ जुटाए। एंकर बुक को 30 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था। यानी एंकर बुक के मुकाबले एंकर इन्वेस्टर्स ने करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की बोलियां लगाई थीं।

एंकर इन्वेस्टर्स यानी बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए बिडिंग की तारीख 19 अक्टूबर थी। यह किसी भी भारतीय IPO के लिए अब तक की सबसे बड़ी इंस्टीट्यूशनल बोली है।

इस एंकर बुक में दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर्स, सोवरेन वेल्थ फंड्स, भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड्स शामिल हुए थे।

IPO के लिए SEBI से अगस्त में मिली थी मंजूरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया था कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। इसके बाद 28 अगस्त को मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से ऑब्जर्वेशन लेटर यानी मंजूरी मिली थी।

जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर, 53.3 करोड़ यूजर

जियो प्लेटफॉर्म्स इस समय देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है। 30 जून 2026 कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 53.3 करोड़ है। इसमें 28.49 करोड़ 5G यूजर हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा 5G कस्टमर बेस है। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की टेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है।

भारत में सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क चलाने के साथ-साथ यह कंपनी दुनिया की दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को भी एडवांस 5G सर्विस और तकनीक देती है। इसके पास 5G से जुड़े सभी जरूरी सॉफ्टवेयर, नेटवर्क सर्विसेज और AI टूल्स मौजूद हैं।

इस तकनीक की मदद से बड़ी कंपनियों और प्राइवेट नेटवर्क्स के लिए 5G का इस्तेमाल करना बेहद आसान हो जाता है, जिसे इंटरनेट क्लाउड पर भी चलाया जा सकता है।

कंपनी ने 14 अक्टूबर को RHP दाखिल किया था

IPO के लिए कंपनी ने बुधवार, 14 अक्टूबर को रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP दाखिल किया था। गुजरात के अहमदाबाद में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास RHP फाइल किया गया था। रिलायंस ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी थी।

इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग या IPO क्या होता है?

जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर्स को आम लोगों के लिए जारी करती है तो इसे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO कहते हैं।

कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में कंपनी बाजार से कर्ज लेने के बजाय कुछ शेयर पब्लिक को बेचकर या नए शेयर इश्यू करके पैसा जुटाती है। इसी के लिए कंपनी IPO लाती है।

IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम क्या होता है?

IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ये बताता है कि लिस्टिंग से पहले अनऑफिशियल मार्केट में लोग उस IPO के शेयर को कितने रुपए ज्यादा देकर खरीदने को तैयार हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑफिशियल तरीका है, जिसमें कुछ ट्रेडर लिस्टिंग से पहले ही शेयर खरीदते-बेचते हैं।

चूंकि GMP ये दिखाता है कि लोग कितना प्रीमियम देने को तैयार हैं, इसलिए ज्यादातर निवेशक इसी से अंदाजा लगाते हैं कि शेयर लिस्टिंग के दिन कितने रुपए पर खुलेगा।

कई बार ग्रे मार्केट प्रीमियम बिल्कुल सटीक साबित होता है, कई बार थोड़ा ऊपर-नीचे भी हो जाता है। लेकिन ये लिस्टिंग गेन का अंदाजा लगाने का सबसे पॉपुलर तरीका है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *