कानपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी हुई अंतिम मतदाता सूची ने जिले की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। आंकड़ों के मुताबिक 2.38 लाख नए मतदाता जुड़े हैं और 9.23 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यह बदलाव आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। अब जिले की दसों विधानसभा सीटों को मिलाकर कुल 28,51,060 मतदाता हो गए हैं। चर्चा है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने और जुड़ने से किसे फायदा होगा और किसकी मुश्किलें बढ़ाएगा।
जिले में वर्ष 2022 की मतदाता सूची में 35.38 लाख मतदाता थे। एसआईआर के बाद सूची से कुल 9.02 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए जिससे मतदाताओं की संख्या घटकर 26.36 लाख ही रह गई। इसमें करीब छह लाख मतदाता नो मैपिंग में शामिल हुए। इसमें से करीब 2,07,661 ऐसे मतदाता थे जो 2003 की सूची के आधार पर कोई डिटेल गणना प्रपत्र में नहीं भर पाए थे। इन सभी को नोटिस जारी किया गया जिसमें करीब 5.87 लाख लोग ही सुनवाई के लिए उपस्थित हुए।








