रसरंग में कवर स्टोरी:  डिग्री नहीं, स्किल बनेगी नौकरी की गारंटी!
अअनुबंधित

रसरंग में कवर स्टोरी: डिग्री नहीं, स्किल बनेगी नौकरी की गारंटी!

Spread the love


सौगत रॉय चौधरी25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
तस्वीर प्रतीकात्मक है। - Dainik Bhaskar

तस्वीर प्रतीकात्मक है।

इंडिया स्किल्स रिपोर्ट के अनुसार देश में एम्प्लॉयबिलिटी (रोजगार पाने की दक्षता) वर्ष 2021-22 की 46.20 फीसदी से बढ़कर 2025-26 में 56.30 फीसदी हो गई है। यह एक उत्साहजनक रुझान है और इस बात का मजबूत संकेत भी कि हमारा स्किलिंग इकोसिस्टम सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह सरकारी नीतिगत हस्तक्षेप, उद्योगों की बढ़ती भागीदारी और एआई जैसी स्किल सिखाने वाले प्लेटफॉर्म्स के विस्तार का नतीजा है। लेकिन इस रिपोर्ट का एक मतलब यह भी है कि करीब 44 फीसदी कार्यबल अब भी किसी रोजगार के योग्य नहीं है। यानी इन प्रयासों को और बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।

एक अच्छा संकेत यह भी है कि अब भारत धीरे-धीरे उस दौर में पहुंच रहा है, जहां नियोक्ता केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल देखता है। उसकी अपेक्षा यह होती है कि छात्र ने कक्षाओं में जो सीखा है, वह उसे वर्कप्लेस पर भी लागू कर पाए और रियल-टाइम प्रॉब्लम का समाधान कर सके। लिहाजा, अब जरूरत हमारे पाठ्यक्रमों को उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकसित या अपडेट करने की है, विशेषकर हाई ग्रोथ सेक्टर्स में। साथ ही इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स के जरिए प्रैक्टिकल एक्सपोजर को और बढ़ावा देना भी जरूरी है, ताकि छात्रों को प्रारंभिक स्तर पर ही इंडस्ट्री का व्यावहारिक अनुभव मिल सके। इससे वास्तविक तौर पर कौशल का विकास हो सकेगा और जॉब्स के मौके भी पैदा होंगे।

युवा स्किल्ड बन सकें, इसके लिए करने होंगे ये 4 काम

1. इंटर्नशिप/अप्रेंटिसशिप के जरिए बढ़े प्रैक्टिकल एक्सपोजर आज भी कई लोग डिग्री को सफलता का नुस्खा मानते हैं और स्किल को उतना महत्व नहीं देते। इस स्थिति को बदलने के लिए व्यावसायिक शिक्षा को अधिक आकर्षक बनाना जरूरी है। हमें व्यावसायिक व शैक्षणिक शिक्षा के बीच की दूरी को खत्म कर दोनों को एक-दूसरे के साथ जोड़ना होगा। इंटर्नशिप/अप्रेंटिसशिप के जरिए प्रैक्टिकल और इंडस्ट्रियल एक्सपोजर को हमारी उच्च शिक्षा प्रणाली का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए।

2. कॉलेज शिक्षकों का भी उद्योग जगत से हो सीधा जुड़ाव कॉलेज शिक्षक उद्योगों से कितने कनेक्ट हैं, यह भी काफी मायने रखता है। इस संदर्भ में AICTE इंडस्ट्री फेलोशिप प्रोग्राम जैसी पहल फायदेमंद है। ऐसे कार्यक्रम कॉलेज शिक्षकों को उद्योगों के साथ समय बिताने का अवसर देते हैं। इसका मकसद यह है कि शिक्षक उद्योगों में कामकाज के मौजूदा तौर-तरीकों, तकनीकों और अपेक्षाओं को समझ सकें तथा फिर अपने छात्रों को भी बता सकें।

3. पाठ्यक्रमों के निर्माण में भी हो उद्योगों की भूमिका यूनिवर्सिटीज और इंडस्ट्री के बीच पारस्परिक संवाद शिक्षा प्रणाली का हिस्सा हो। उदाहरण के लिए, उच्च शिक्षा संस्थानों में ऐसा इंडस्ट्री एडवाइजरी बोर्ड होना चाहिए, जो पाठ्यक्रमों की डिजाइनिंग और उनके निर्माण में सहयोग करने के अलावा आवश्यकतानुसार अपडेशन में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उद्योगों को पूरी शिक्षण प्रक्रिया में ही शामिल करेंगे तो सभी का फायदा होगा।

4. हर पेशे के लिए एआई में माहिर होना जरूरी हो आईटी, एडवॉन्स्ड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में एआई कुशल लोगों की मांग बढ़ रही है। वैसे तो अब कोई भी पेशा हो, डिजिटल समझ और एआई-आधारित टूल्स के साथ काम करने की दक्षता जरूरी हो गई है। इसके लिए शिक्षा की मुख्य धारा में ही डिजिटल स्किल्स को शामिल करना होगा, ताकि तमाम छात्र शुरू से ही एआई-लिटरेसी से लैस हो सके।

रसरंग नॉलेज एंड रिसर्च… इन 5 सेक्टरों में बढ़ेगी स्किल्ड लोगों की मांग सीआईआई और ईटीएस द्वारा जारी ‘इंडिया स्किल्स रिपोर्ट’ के अनुसार इन 5 प्रमुख सेक्टर्स में स्किल्ड लोगों की मांग बढ़ेगी :

1. एआई व डिजिटल प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, जेनरेटिव एआई इंटीग्रेशन, साइबर सेक्युरिटी, मशीन लर्निंग इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, एआई सेफ्टी एक्सपर्ट।

2. रिन्युएबल एनर्जी एनर्जी स्टोरेज और ग्रिड डिजिटलीकरण के कारण रोजगार के अवसर बढ़े। जियोस्पेशियल एनालिटिक्स, फील्ड ऑपरेशंस में मांग।

3. हेल्थकेयर टेक टेलीमेडिसिन और वर्चुअल क्लिनिकल सेवाएं नए कौशल की मांग पैदा कर रही हैं। हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स विशेषज्ञों की जरूरत बढ़ी।

4. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बैटरी टेक्नोलॉजी, वाहन सॉफ्टवेयर, सप्लाई चेन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग के फील्ड में स्किल्ड लोगों की मांग बढ़ी।

5. सेमीकंडक्टर्स चिप्स की डिजाइन, वेरिफिकेशन और फैब्रिकेशन से जुड़े क्षेत्रों में नौकरियों का विस्तार। क्षेत्र से जुड़ी अन्य टेक्नोलॉजी में भी स्किल्ड लोगों की मांग।

——–

  • लेखक कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (स्किल डेवलपमेंट) हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *