माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि इंसान AI के लिए अभी तैयार नहीं है। इससे न सिर्फ साइबर अटैक और डीपफेक का खतरा बढ़ेगा, बल्कि जॉब मार्केट में एंट्री करने वाले युवाओं को शुरुआती मौके मिलना भी बंद हो जाएंगे। AI दुनियाभर में करोड़ों नौकरियां खत्म कर देगा, जिससे सबसे बड़ा […]
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रघुराम राजन का कॉलम: बहुत सारे नए रोजगार भी क्रिएट करेगा एआई
तो क्या एआई हमारी नौकरियां खाने जा रहा है? अभी तो कोई नहीं जानता कि यह कितनी तेजी से होगा, कितना व्यापक होगा और इसका सबसे अधिक असर किन सेक्टर्स पर पड़ेगा। बहुत कुछ इस पर निर्भर करेगा कि अलग-अलग कंपनियां इस तकनीक को अपने कामकाज में कितनी तेजी से लागू करती हैं। अमेरिकी जनगणना […]
एन. रघुरामन का कॉलम: एआई कोर इंजीनियरिंग को रिप्लेस नहीं करेगा, बल्कि उसे री-इन्वेंट करेगा
Hindi News Opinion AI Will Reinvent Core Engineering, Not Replace It: N. Raghuraman Column 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु मैंने शुक्रवार को दो खबरें पढ़ीं। अमेरिका में ज्यादातर विश्वविद्यालय इतनी तेजी से एआई प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं कि शोधकर्ताओं के लिए उन्हें ट्रैक करना कठिन हो रहा है। इसके पीछे […]
कार्ल बेनेडिक्ट फ्रे का कॉलम: हम केवल आमदनी के लिए ही कोई काम नहीं करते हैं
Hindi News Opinion Karl Benedict Frey Column: Work Meaning Beyond Income | AI Automation Impact 8 घंटे पहले कॉपी लिंक कार्ल बेनेडिक्ट फ्रे ऑक्सफोर्ड इंटरनेट इंस्टिटयूट में एआई के एसोसिएट प्रोफेसर कर्ट वोनेगट ने अपने उपन्यास ‘प्लेयर पियानो’ (1952) में एक ऐसी दुनिया की कल्पना की थी, जहां मशीनों ने अधिकांश उद्योगों को ऑटोमैट कर […]
इंपैक्ट फीचर: करियर में AI की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए डब्ल्यूपीयू गोवा ने उच्च शिक्षा में कई विषयों की जानकारी होने की वकालत की
यूनिवर्सिटी नेतृत्व का कहना है कि तकनीक में तेजी से होती उथल-पुथल के इस दौर में, छात्रों के लिए परिस्थितियों के अनुकूल ढलना, जीवन भर सीखते रहना और ट्रांसडिसिप्लिनरी शिक्षा ग्रहण करना बेहद जरूरी हो गया है। जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य दुनियाभर के उद्योगों को नया आकार दे रहे […]
एन. रघुरामन का कॉलम: एआई इंसानों की ‘ड्यूरेबल स्किल्स’ की नकल कभी नहीं कर सकता
मैं जितना ज्यादा अस्पतालों में जाता हूं, उतने ही ज्यादा आत्मविश्वास से बाहर निकलता हूं। क्योंकि जब मैं किसी मरीज और नर्स के बीच बातचीत देखता हूं, जिसमें बॉडी लैंग्वेज को समझने और अनकही बातों को भी ‘बिटवीन द लाइन्स’ पढ़ने की स्किल दिखती है तो मेरा भरोसा यह सोचकर और बढ़ जाता है कि […]
डेरोन एस्मोगलु का कॉलम: क्यों न एआई अपना काम करे और हम मनुष्य अपना!
एआई को लेकर दुनिया में चल रही बातचीत अभी तक लैब्स के बीच प्रतिस्पर्धा या टेक्नोलॉजी की क्षमताओं के बारे में अमूर्त बहसों तक ही सीमित है। लगभग कोई भी यह नहीं पूछ रहा है कि एआई को किस उद्देश्य की पूर्ति करनी चाहिए? या क्या हमारे वर्तमान संस्थान और नियंत्रण-तंत्र इस टेक्नोलॉजी को मनुष्यता […]
सैम ऑल्टमैन बोले- AI से नौकरी जाने का खतरा नहीं: रोजगार में इंसानी हिस्सा बदलना नामुमकिन; शुरुआती डर गलत साबित हुआ
ओपन-AI के CEO सैम ऑल्टमैन ने मंगलवार को सिडनी में कहा कि AI की तेज ग्रोथ और इस्तेमाल से दुनिया में जॉब्स एपोकैलिप्स यानी नौकरियों का संकट नहीं आएगा। उन्होंने माना कि तकनीक ने उतने व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म नहीं किए हैं, जितने का उन्हें पहले डर था। ऑल्टमैन ने कहा- मैं गलत साबित होने […]
एन. रघुरामन का कॉलम: आपको मशीनों से प्यार है तो एक एआई-प्रूफ नौकरी आपके इंतजार में है
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: If You Love Machines, An AI Proof Job Awaits You 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु बचपन से ही उसे अपने खिलौने खोलकर फिर से जोड़ना पसंद था, हालांकि वह इसमें विफल होता था। फिर, स्कूली दिनों में वह पिता की कार से छेड़छाड़ करता और […]
रसरंग में कवर स्टोरी: डिग्री नहीं, स्किल बनेगी नौकरी की गारंटी!
सौगत रॉय चौधरी25 मिनट पहले कॉपी लिंक तस्वीर प्रतीकात्मक है। इंडिया स्किल्स रिपोर्ट के अनुसार देश में एम्प्लॉयबिलिटी (रोजगार पाने की दक्षता) वर्ष 2021-22 की 46.20 फीसदी से बढ़कर 2025-26 में 56.30 फीसदी हो गई है। यह एक उत्साहजनक रुझान है और इस बात का मजबूत संकेत भी कि हमारा स्किलिंग इकोसिस्टम सही दिशा में […]
डॉ. राम चरण का कॉलम: एक मैनेजर और एक अच्छे लीडर में क्या अंतर होता है?
Hindi News Opinion Dr. Ram Charan: Manager Vs. Leader Whats The Difference? | 2026 Insights 7 घंटे पहले कॉपी लिंक डॉ. राम चरण विश्व विख्यात लेखक और कई शीर्ष कम्पनियों के सलाहकार हर मैनेजर बहुत अच्छा लीडर भी बनना चाहता है। लेकिन इन दोनों में अंतर है। आप जानते हैं- क्या? आज की दुनिया में […]
एन. रघुरामन का कॉलम: काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है
दुनिया में बेहतर अवसर तलाश रहे ज्यादातर लोगों के लिए विदेशों में रहना और वहां काम करना लोकप्रिय फंतासी रहा है। आप भी अगर अमेरिका जैसे देश में काम करने का सपना देख रहे हैं तो ऐसे आप अकेले नहीं हैं। अमेरिकी कामकाजी जीवन की ‘रिस्क-रिवार्ड’ प्रकृति दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करती है। लेकिन […]
रघुराम राजन का कॉलम: एआई की क्षमताओं को लेकर ज्यादा मायूस ना हों
इक्विटी-रिसर्च फर्म सिट्रिनी ने हाल ही में वित्तीय बाजारों में तब हलचल मचा दी थी, जब उसने एक ऐसा परिदृश्य प्रस्तुत किया, जिसमें 2028 तक एआई अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म कर देगा। जाहिर है इसके अर्थव्यवस्था पर भी गम्भीर परिणाम होंगे। लेकिन यह पूर्वानुमान कुछ पहलुओं में अत्यधिक निराशावादी है। सॉफ्टवेयर जैसे कुछ क्षेत्रों […]
एन. रघुरामन का कॉलम: अब तक एआई काम के बोझ से राहत नहीं दे पा रहा
एआई की मदद से काम पूरा कर रहे लोगों से पूछिए कि वे इससे कितना समय बचा लेते हैं? वे आपको यह कह कर चौंका सकते हैं कि ‘एआई ने हमारा काम बेहतर नहीं, बदतर कर दिया है।’ महज कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि सबसे बड़े एआई समर्थकों को भी इससे सबसे बड़ी उम्मीद यही थी […]
डायने कॉयल का कॉलम: एआई की मदद से ‘वन-मैन- यूनिकॉर्न’ भी अब सम्भव है
कई लोगों को डर है कि एआई नौकरियों के लिए बड़ा संकट साबित हो सकता है। इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में भी रोजगार पर इस तकनीक के प्रभाव को लेकर चेतावनी दी गई। हाल के दिनों में व्हाइट-कॉलर जॉब्स में कटौती की घोषणाओं को व्यापक रूप से आने वाले समय के […]
AI के कारण एंट्री लेवल जॉब खतरे में: 30-50 की उम्र वालों को नए मौके मिलेंगे, अमीर देशों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) अब सिर्फ तकनीक नहीं, यह दुनिया के कारोबार, नौकरियों और समाज को बुनियादी रूप से बदल रहा है। बीसीजी-मोलोको की रिपोर्ट बताती है कि न्यूज, ट्रेवल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए एआई सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि चैटजीपीटी जैसे टूल्स अब सीधे ग्राहक और ब्रांड के बीच आ गए हैं। ये […]
रुचिर शर्मा का कॉलम: एआई के चलते बेरोजगारी फैलने का अंदेशा कम ही है
हर तकनीकी क्रांति अपने साथ ये अंदेशे लेकर आती है कि इनोवेशन की मार नौकरियों पर पड़ेगी। इतिहास में अभी तक ये अंदेशे कभी सच साबित नहीं हुए। लेकिन एआई की बात और है। इसमें सच में ही इतनी क्षमता है कि वह अनेक कार्य मनुष्यों की तरह- या उनसे कहीं बेहतर कर सकता है। […]
रुचिर शर्मा का कॉलम: एआई के चलते बेरोजगारी फैलने का अंदेशा कम ही है
हर तकनीकी क्रांति अपने साथ ये अंदेशे लेकर आती है कि इनोवेशन की मार नौकरियों पर पड़ेगी। इतिहास में अभी तक ये अंदेशे कभी सच साबित नहीं हुए। लेकिन एआई की बात और है। इसमें सच में ही इतनी क्षमता है कि वह अनेक कार्य मनुष्यों की तरह- या उनसे कहीं बेहतर कर सकता है। […]
पीटर कर्षलैगर का कॉलम: काम करने का प्रश्न मनुष्य के अस्तित्व की गरिमा से जुड़ा है
जिसे हम आमतौर पर एआई कहते हैं, वह वास्तव में डेटा-बेस्ड सिस्टम्स (डीएस) का एक सेट है। ये तकनीकें इंसानी जीवन के हर पहलू को बदल रही हैं। नए बिजनेस मॉडल बढ़ा रही हैं और समूची अर्थव्यवस्थाओं को नए सिरे से गढ़ रही हैं। समय के साथ ये नई नौकरियां पैदा करने, उत्पादकता बढ़ाने और […]
एन. रघुरामन का कॉलम: वर्कप्लेस बदलने वाले हैं, आप भी खुद को बदल लीजिए
‘दिमाग का दही हो गया’- ये बात एक मिडिल लेवल मैनेजर खुद से बड़बड़ा रहा था, क्योंकि वहां उससे बोलने के लिए कोई था ही नहीं। उस बड़े से शॉप फ्लोर पर वह अकेला इंसान था। लेकिन अचानक पीछे से आवाज आई- ‘ये दही क्या होता है?’ उसे पता था कि कौन है। उसने पलटकर […]
एन. रघुरामन का कॉलम: 2026 में वर्कप्लेस पर इन दस बदलावों की उम्मीद है
Hindi News Opinion N Raghuraman Column: 10 Workplace Changes Expected In 2026 | AI & Automation 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जैसे केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 10-मिनट डिलीवरी के चलन को रोकने के लिए पहल की, वैसे ही साल 2026 में वर्कप्लेस पर […]






















