Kanpur Dehat Accident: मदद के लिए चीखते-चीखते थम गईं चार सांसें, खुले शीशे से बच गई छह जिंदगियां, ऐसा था हादसा
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Kanpur Dehat Accident: मदद के लिए चीखते-चीखते थम गईं चार सांसें, खुले शीशे से बच गई छह जिंदगियां, ऐसा था हादसा

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नोएडा, औरैया के बाद अब कानपुर देहात में जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते चार लोगों की जान चली गई। त्रियोदशी संस्कार में अपनों का गम बांट कर लौट रहे एक ही परिवार के चार लोगों की मदद के लिए चीखते-चीखते सांसें थम गईं। कार में मौजूद अन्य परिजन को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। अपनों के शव देख सुरक्षित बचे लोग बदहवास नजर आए। शिवली कल्याणपुर मार्ग पर बैरी सवाई स्थित सांचुला माता मंदिर के पास सड़क किनारे गहरा तालाब है।

इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की ओर से तालाब के किनारे सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री नहीं बनवाई गई है। इसके चलते शुक्रवार देर शाम को अनियंत्रित वैन तालाब में जा गिरी। हादसे में कानपुर के आवास विकास कल्याणपुर-3 निवासी राजकिशोर अग्निहोत्री, उनकी पत्नी स्नेहलता, बेटी राखी उर्फ हिमांशू अग्निहोत्री, नाती शिव (2) की डूबने से मौत हो गई। वहीं, कार गिरने की जानकारी पर पहुंचे ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए मोर्चा संभाला।




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Kanpur Dehat Accident Four people died screaming for help six lives were saved by open car glass

kanpur dehat accident
– फोटो : amar ujala


सुरक्षा जाली होती, तो कार तालाब में न गिरती

कार में मौजूद राजकिशोर की नातिन वानी, रिश्तेदार कृतिका, सुधा, उनके बेटे कान्हा (4), सुधांशु (24) की सांसें उखड़ने से पहले ही तालाब से निकाल कर सीएचसी शिवली में भर्ती करवाया। आंखों के सामने अपनों की सांसें थम जाने से सभी घायल बदहवास हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि वह लोग कई बार जिम्मेदारों से तालाब के किनारे बाउंड्री बनवाने की मांग कर चुके हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से हुए हादसे में चार लोगों की जान चली गई। यदि सुरक्षा जाली होती तो कार तालाब में न गिरती और न ही इतना बड़ा हादसा होता।


Kanpur Dehat Accident Four people died screaming for help six lives were saved by open car glass

kanpur dehat accident
– फोटो : amar ujala


नोएडा, औरैया के बाद अब कानपुर देहात में जिम्मेदारों की अनदेखी से हुआ हादसा

मुख्य मार्गों के पास पड़ने वाली नहर, माइनर, तालाबों के आसपास सुरक्षा के इंतजाम करने में जिम्मेदारों की ओर से की जाने वाली अनदेखियां बड़े हादसों का कारण बन रही हैं। इन हादसों में लोगों की जान चली जाना उनके परिवार को जिंदगी भर का दुख दे जाता है। जिम्मेदार इन हादसों के बाद भी अनदेखी कर देते हैं। नोएडा में जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते निर्माणाधीन साइट में खोदे गए गड्ढे में कार चली जाने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान चली गई थी।


Kanpur Dehat Accident Four people died screaming for help six lives were saved by open car glass

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– फोटो : amar ujala


एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई

इस घटना के बाद भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया और सड़क के किनारे मौजूद नहर नालों व तालाबों के किनारे सुरक्षा के कड़े प्रबंध नहीं किए गए। औरैया के अछल्दा थाना क्षेत्र के तुरुकपुर गांव के पास नहर के किनारे सुरक्षा व प्रकाश व्यवस्था न होने से भरथना इटावा के घी कारोबारी राजीव कुमार उर्फ कल्लन, उनकी पत्नी मधु गुप्ता व बेटे शिवम की रात में नहर में कार सहित पड़े रहने से जान चली गई। इसके बाद शुक्रवार को बैरी में भी तालाब के किनारे सुरक्षा व्यवस्था न होने से तालाब में कार तालाब में गिर गई। तालाब के पास प्रकाश व्यवस्था भी न होने से ग्रामीणों को तालाब में डूब रहे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई।


Kanpur Dehat Accident Four people died screaming for help six lives were saved by open car glass

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– फोटो : amar ujala


कार की शीशे खुले होने से बच गई छह की जान

घटना स्थल पर पहुंचे राजकिशोर के भतीजे राजन अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी हादसे में बचे लोगों से बात हुई है। साथ ही गांव के लोगों ने बताया कि हादसे के बाद करीब 25 मिनट में सभी को बाहर निकाला गया। कार में चालक की साइड के शीशे खुले थे। कार तालाब में गिरने के बाद चालक निकल कर भाग गया। इसी बीच ग्रामीणों ने शीशे से बाहर की ओर झांक रहे लोगों को किसी तरह से बाहर निकला। जबकि जो लोग अंदर की तरफ थे, उनकी जान चली गई।




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