26 मिनट पहले
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सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2, जिसमें वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी भी हैं, शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म में देशभक्ति, जज्बा और एक्शन का शानदार मिश्रण है, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया है। इसी वजह से फिल्म को पॉजिटिव रिव्यू मिल रहे हैं।
सैकनिल्क के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, ओपनिंग डे पर फिल्म ने करीब 30 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। वहीं, फिल्ममेकर करण जौहर ने फिल्म देखने के बाद फिल्म की तारीफ की और एक्टर वरुण धवन की एक्टिंग को लेकर ट्रोल किए जाने पर भी जवाब दिया।
दरअसल, शुक्रवार को करण जौहर बॉर्डर 2 देखने के बाद काफी प्रभावित हुए। उन्होंने इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्टर शेयर किया, जिसमें सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ नजर आ रहे हैं। पोस्ट के साथ करण ने फिल्म की टीम की मेहनत की जमकर तारीफ की।

करण जौहर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा,“‘बॉर्डर 2’ के कई सीन मुझे रुला गए। देशभक्ति दिल से महसूस होती है। यह फिल्म तय तौर पर विजेता है!”
इसके बाद एक अन्य पोस्ट में वरुण धवन की डेब्यू फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ को डायरेक्ट करने वाले करण जौहर ने एक्टर को ट्रोल किए जाने पर अपनी बात रखी।
उन्होंने लिखा,
यह कहना ही होगा, वर्चुअल दुनिया कहने के पीछे का असली कारण यही है। रियल चीज हमेशा जीतती है और सोशल मीडिया पर होने वाले शोर को बेकार साबित कर देती है। आप किसी आर्टिस्ट की मुस्कान के लिए उसे ट्रोल कर सकते हैं, लेकिन जब फिल्म हाउसफुल चलती है और उसे सच्ची, रियल ऑडियंस का प्यार मिलता है, तो वही आर्टिस्ट मुस्कुराता है। इसलिए शोर मचाने वाले और क्लिकबेट ढूंढने वाले कंटेंट क्रिएटर्स जो चाहें कर सकते हैं। सच्चाई की हमेशा जीत होगी।


वरुण धवन ने भी ट्रोलिंग पर दिया था रिएक्शन
इससे पहले वरुण धवन ने ट्रोलिंग को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। फिल्म से जुड़े इवेंट ‘ब्रेव्स ऑफ द सॉइल: ट्रिब्यूट ट्रेलर लॉन्च’ के दौरान जब उनसे पूछा गया कि टीजर लॉन्च के समय उन्हें लेकर काफी शोर (ट्रोलिंग) था, जो अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, तो वह इसे कैसे देखते हैं?
इस पर एक्टर ने कहा था,“मैं मानता हूं कि शोर को बंद करके अपने काम को बोलने देना चाहिए। ये सब चलता रहता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं इसके लिए काम नहीं करता। मैं जिस चीज़ के लिए काम करता हूं, उसका पता शुक्रवार को चलेगा।”
वरुण ने आगे कहा था, “मुझे फिल्म पर भरोसा है। एक अच्छी फिल्म बनाना बहुत जरूरी है। नंबर वगैरह से मुझे कोई लेना-देना नहीं है। मुझे लगता है कि हमने एक अच्छी फिल्म बनाई है। यही सबसे अहम बात है। जब लोग थिएटर जाते हैं, तो वे सब कुछ भूलकर सिर्फ एंटरटेन होना चाहते हैं। मैं उस सोच से आता हूं, जहां इंसान का काम बोलता है।”








