ऑटो-ट्रांसपोर्ट

LPG ई-केवाईसी की डेडलाइन बढ़कर 23 अगस्त हुई: सर्वर और एप डाउन होने से ग्राहक परेशान; गैस एजेंसियों पर लगीं लंबी लाइनें

Spread the love


52 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

गैस सिलेंडर की ई-KYC कराने की आखिरी तारीख 16 से बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गई है। इसके बावजूद ऑयल कंपनियों का सर्वर डाउन होने से यह प्रक्रिया ठप्प पड़ गई है।

मोबाइल एप्स के ठीक से काम न करने के कारण लोग अभी भी अपना वेरिफिकेशन पूरा कराने के लिए परेशान हो रहे हैं।

काउंटर्स पर काम रुकने के कारण LPG एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी ग्राहकों को इस बात का भरोसा नहीं है कि उनका ई-KYC हो पाएगा या नहीं।

e-KYC की डेडलाइन बदलने से क्या फर्क पड़ेगा सवाल-जवाब में जानते हैं…

सवाल 1: e-KYC को लेकर क्या अपडेट आया है?

जवाब: तेल विपणन कंपनियों ने आधार वेरिफिकेशन (e-KYC) की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब ग्राहक 23 अगस्त 2026 तक अपनी e-KYC प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। इससे पहले इसकी अंतिम तिथि 16 अगस्त तय की गई थी।

सवाल 2: डेडलाइन बढ़ने के बावजूद उपभोक्ता क्यों परेशान हो रहे हैं?

जवाब: तेल कंपनियों का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर भारी लोड नहीं संभाल पा रहा है। घंटों सर्वर डाउन रहने, कंपनियों के आधिकारिक एप्स के क्रैश होने और धीमी प्रोसेसिंग के कारण लोग अपना वेरिफिकेशन नहीं कर पा रहे हैं।

सवाल 3: गैस एजेंसियों और डीलर्स पर क्या असर पड़ रहा?

जवाब: डीलर्स का कहना है कि डेडलाइन बढ़ने से सिर्फ 7 दिन का समय अतिरिक्त मिला है, लेकिन सिस्टम की तकनीकी कमियां जस की तस हैं। एक बार सर्वर डाउन होने पर पूरे दिन का शेड्यूल खराब हो जाता है। इसके चलते गैस एजेंसियों के काउंटरों पर भारी भीड़ है और बैकलॉग लगातार बढ़ रहा है।

सवाल 4: लोगों को किस तरह की परेशानी आ रही है?

जवाब: गैस एजेंसियों पर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। घंटों के इंतजार के बाद भी जब लोग काउंटर तक पहुंच रहे हैं, तो सर्वर ठप होने के कारण उनका बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं हो पा रहा है। उपभोक्ताओं को इस बात की कोई गारंटी नहीं मिल रही है कि उनका काम आज हो पाएगा या नहीं।

सवाल 5: इस पूरी समस्या की मुख्य तकनीकी वजह क्या है?

जवाब: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस समस्या की मुख्य वजह पूरी तरह स्ट्रक्चरल है। ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया तेल कंपनियों के केंद्रीय डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और सर्वर पर चलती है।

जब मुख्य सर्वर डाउन होता है या एप का रिस्पॉन्स धीमा होता है, जिससे पूरी प्रक्रिया ठप हो जाती है। ऐसी स्थिति में गैस एजेंसी पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने या सही दस्तावेजों के होने का भी कोई फायदा नहीं मिल पाता।

सवाल 6: 23 अगस्त तक e-KYC नहीं हुई, तो क्या होगा?

जवाब: नियमों के मुताबिक, तय समय सीमा तक वेरिफिकेशन न कराने वाले उपभोक्ता अस्थाई रूप से घरेलू या रियायती दरों पर सिलेंडर पाने का अधिकार खो देंगे।

उन्हें ई-केवाईसी पूरी होने तक कमर्शियल रेट पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है, जो कि घरेलू रेट से काफी महंगा होता है। हालांकि, ग्राहकों का कनेक्शन रद्द नहीं किया जाएगा।

सवाल 7: क्या मोबाइल से e-KYC कर सकते हैं?

जवाब: e-KYC के लिए जिस कंपनी का गैस इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका ऑफिशियल एप डाउनलोड करें। इंडेन, HP या भारत गैस का एप गूगल प्ले स्टोर पर मिल जाएगा। एप में दिए गए e-KYC के ऑप्शन को चुनकर प्रक्रिया पूरी करें।

फेस ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो घबराएं नहीं

फेस ऑथेंटिकेशन फेल होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। एप को दोबारा खोलकर फिर से फेस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया करें। ध्यान रखें कि चेहरे पर पर्याप्त रोशनी हो और मोबाइल को स्थिर रखें। फेस स्कैन के बाद एप में ‘e-KYC सक्सेस’ का स्टेटस जरूर देखें।

सिर्फ फेस स्कैन हो जाने से यह न मानें कि e-KYC पूरी हो गई है। अगर स्टेटस सक्सेस नहीं दिख रहा है, तो गैस एजेंसी से अपने कंज्यूमर रिकॉर्ड में e-KYC का स्टेटस कन्फर्म कराएं।

ऑफलाइन e-KYC कराने के 2 ऑप्शन

अगर किसी ग्राहक को मोबाइल एप के जरिए प्रक्रिया पूरी करने में समस्या आ रही हो, तो उनके पास अन्य ऑप्शन भी हैं-

1. गैस एजेंसी जाकर: अपने नजदीकी गैस एजेंसी जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करवा सकते हैं।

2. सिलेंडर डिलीवरी मैन द्वारा: जब डिलीवरी कर्मचारी घर पर सिलेंडर देने आए, तो उनके पास उपलब्ध आधिकारिक डिवाइस के जरिए भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराया जा सकता है।

——————-

ये खबर भी पढ़ें…

कैब-कंपनियां कन्फर्म बुकिंग के लिए एक्स्ट्रा पैसा नहीं मांग सकेंगी: सरकार बोली- एड ऑन और टिप जैसे ऑप्शन बंद करो, जल्दी बुकिंग के लिए मिलता है मैसेज

आप कैब सर्विस से राइड बुक करते हैं तो आपको एडवांस टिप या एड ऑन के नाम पर एक्स्ट्रा पैसे नहीं देने पड़ेंगे। सरकार ने बुधवार को रैपिडो, ओला, उबर और इनड्राइव जैसी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स को अपने मोबाइल एप्स से इस तरह के फीचर तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।

परिवहन मंत्रालय ने कहा कि बुकिंग के समय ही ग्राहकों से एडवांस टिप वसूलना गलत है। सरकार के इस कदम से कैब बुक करने वाले करोड़ों यूजर्स को राहत मिलेगी, जिन्हें अक्सर पीक ऑवर्स में राइड बुकिंग के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *