– सेक्टर-जे में एलडीए ने ध्येय आईएएस कोचिंग वाली इमारत के पास बना रेस्टोरेंट दो महीने पहले सुरक्षा कारणों से सील कर दिया था। बाद में सुरक्षा उपाय करने के शपथ पत्र पर इसे खोला गया। यह निर्माण भी मकान को तोड़कर किया गया है।
– सेक्टर-के में फर्नीचर शोरूम के पास इमारत को एलडीए ने करीब पांच महीने पहले सील किया था। बाद में सील खोल दी गई। यह इमारत भी एक मकान को तोड़कर बनाई गई है। यहां पार्किंग जैसे जरूरी मानक भी पूरे नहीं हैं।
– पुरनिया चौराहे पर महालक्ष्मी स्वीट के ठीक सामने तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स बना है। इसे भी मकान को तोड़कर बनाया गया है। यहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी करके होटल, रेस्टोरेंट सहित कई प्रतिष्ठान चल रहे हैं।
– केंद्रीय भवन के सामने वाली रोड पर सेक्टर-ई में चंद्रलोक कॉलोनी की ओर जाने वाली सड़क के किनारे मकान को तोड़कर कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यहां भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। यहां पार्किंग भी नहीं है। इसके साथ ही बेसमेंट में दुकानें बनी हैं और नाले पर भी कब्जा है।
– केंद्रीय भवन के सामने वाले चौराहे पर मकान को तोड़कर बनाए गए कॉम्प्लेक्स में रेस्टोरेंट, बैंक और जिम चल रहा है। तीन मंजिला इमारत का बेसमेंट एक महीने पहले सील किया गया था, पर बाद में शमन मानचित्र पास कराने की शर्त पर इसे खोल दिया गया।
निर्माण अवैध होगा तो की जाएगी कार्रवाई
एलडीए के जोनल अफसर अतुल कृष्ण सिंह का कहना है कि अलीगंज में जिन मकानों को तोड़कर नया निर्माण किया जा रहा है, उनकी मौके पर जाकर जांच की जाएगी। यह देखा जाएगा कि जो मानचित्र पास कराया गया है, निर्माण उसके अनुरूप हो रहा है या नहीं। निर्माण अवैध होगा तो कार्रवाई होगी।







