काशी का तो ऐसा हाल भगवान विश्वनाथ को भी नहीं मिल रहा सोने का वक्त
महाकुंभ की भीड़ से काशी हाउसफुल हो गया है। बाबा के दर्शन के लिए घंटों लोग लाइन में खड़े होकर इंतजार कर रहे। वहीं सोमवार को एक दिन में 11 लाख भक्त बाबा के धाम में पहुंचे। सामान्य दिनों में पहली बार रात एक बजे तक विश्वनाथ मंदिर को खोला गया। इससे पहले महाशिवरात्रि और सावन के महीने में देर रात तक मंदिर खुलता था। भीड़ को देखते हुए लगातार 22 घंटे तक दर्शन के लिए मंदिर को खुला रखा गया। रात 2:15 बजे मंदिर फिर से खुला। 22 घंटे लगातार भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। भोर में 2:45 बजे मंगला आरती शुरू हुई। मंगला आरती के बाद दर्शन पूजन का सिलसिला फिर शुरू हो गया। मंगलवार को भी देर रात तक दर्शन कराए जाएंगे। इससे पहले सोमवार को दोपहर में दशाश्वमेध घाट से गोदौलिया रूट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। ऐसा पहली बार हुआ।
पुलिस बल और रेलवे पर भारी दबाव
प्रयागराज में 1-2 नहीं बल्कि पूरे 8 प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं। इस सूची में प्रयागराज जंक्शन के अलावा फाफामऊ, प्रयागराज संगम, झूंसी, प्रयागराज छिंवकी, नैनी, प्रयागराज रामबाग और सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन का नाम शामिल है। इसके बाद भी स्टेशन पर जो भीड़ का दबाव इतना अधिक है कि आपको बहुत सावधानी रखने के आवश्यकता होगी।
स्टेशन पर पहली बार ऐसी व्यवस्था भी की गई है कि अगर वाराणसी और अयोध्या जाने वालों की टिकट संख्या बहुत अधिक हो गई है तो, तुरंत एक नई गाड़ी इन दो शहरों के लिए भेज दी जा रही है और इसकी जानकारी स्टेशन पर घोषणा के माध्यम से दी जा रही है। दिलचस्प बात तो यह है कि पहली बार ऐसी घोषणाएं भी सुनाई दे रही हैं कि यह ट्रेन कहीं नहीं जा रही है, कृपया इसमें न बैठें।













