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MPSC टॉपर ही बनी पेपर लीक कराने की आरोपी: CBI को 270 पेज की चैट मिली, प्रदर्शन के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

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46 मिनट पहले

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महाराष्ट्र ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B परीक्षा की टॉप-10 रैंकर ऋतुजा पाटिल की चैट सामने आई है। बता दें कि ऋतुजा की ड्रग इंस्पेक्टर में 7वीं रैंक आई थी। CBI ने ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक केस से जुड़े डिजिटल सबूत ढूंढे हैं।

ये वही परीक्षा थी जिसे MPSC यानी, महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन ने 25 अगस्त को पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया था।

270 पेज की व्हाट्सअप चैट से खुला राज

CBI के मुताबिक, ऋतुजा पाटिल की 270 पेज की चेट सामने आई है, जिसमें उसने आरोपी गौरव पाटिल से पेपर खरीदने की बात कही है।

साथ ही इस चैट में ये भी सामने आया है कि ऋतुजा ने 90 सवाल मिले थे, जिसमें से उसने सिर्फ 78 सवालों के जवाब दिए ताकि शक न हो।

चैट में मोबाइल पानी में फेंकने की बात भी सामने आई

CBI के मुताबिक आरोपी ऋतुजा ने पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल एग्जाम के बाद ही उल्हास नदी में बहा दिया था। ये बात भी चैट में सामने आई है। ये पूरा मामला आरोपी गौरव के फोन का बैकअप और चैट हिस्ट्री रिकवर होने के बाद सामने आई है।

ऋतुजा के बॉयफ्रेंड ने आयोग को पेपर लीक की जानकारी दी

पेपर रद्द होने के बाद CBI ने खुलासा किया था कि गिरफ्तार किये गए आरोपियों में गौरव पाटिल भी शामिल है। ऋतुजा पाटिल का गौरव के साथ अफेयर्स था और ब्रेकअप के बाद गुस्से में उसने आयोग को पेपर लीक की जानकारी दे दी।

आयोग ने गौरव की दी हुई जानकारी के आधार पर हि मुंबई पुलिस से संपर्क किया था और मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी थी।

22 मार्च को हुई थी परीक्षा

बता दें कि ये परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी और जुलाई में इसका रिजल्ट जारी होने के बाद इंटरव्यू हुए थे। पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद ये परीक्षा रद्द कर दी गई थी।

MPSC की धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। उम्मीदवारों महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

5 सितंबर से उग्र हुए आंदोलन

जांच में कथित पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने की खबरों ने उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ा दी। छात्रों का कहना था कि मामला सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का है।

5 सितंबर 2026 को आंदोलन ने जोर पकड़ना शुरू किया। अमरावती में MPSC उम्मीदवार सड़कों पर उतरे। हजारों छात्रों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

इस आंदोलन के तहत छात्रों ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन बड़े पैमाने पर किया जाएगा। MPSC परीक्षा की कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े टीचर सक्रिय हुए। NCP(SP) विधायक रोहित पवार के पास शिक्षकों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शिकायतें रखीं।

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