Muslim woman gets emotional at Haq screening, holds yami gautam’s hand and cried | हक की स्क्रीनिंग में भावुक हुई मुस्लिम महिला: यामी गौतम का हाथ थामकर रो पड़ीं, कहा- बहुत हिम्मत मिली, एक्ट्रेस बोलीं- हमसे जो बन पड़ेगा हम करेंगे
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Muslim woman gets emotional at Haq screening, holds yami gautam’s hand and cried | हक की स्क्रीनिंग में भावुक हुई मुस्लिम महिला: यामी गौतम का हाथ थामकर रो पड़ीं, कहा- बहुत हिम्मत मिली, एक्ट्रेस बोलीं- हमसे जो बन पड़ेगा हम करेंगे

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12 मिनट पहले

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यामी गौतम और इमरान हाशमी स्टारर फिल्म हक 7 नवंबर को रिलीज हुई है। ये फिल्म शाहबानो केस पर बनी है, जिन्होंने मुस्लिम महिलाओं के हक की लड़ाई छेड़कर इसे राष्ट्रीय बहस बना दिया। हाल ही में मुंबई में फिल्म की स्क्रीनिंग रखी गई थी, जिस समय एक मुस्लिम महिला फिल्म देखकर भावुक हो गईं और उन्होंने एक्ट्रेस का हाथ थामकर उन्हें ऐसी कहानी पर्दे पर दिखाने के लिए शुक्रिया अदा किया।

स्क्रीनिंग के बाद महिला फिल्म की स्टारकास्ट के पास पहुंची। इस दौरान उन्होंने यामी का हाथ थामकर कहा- बहुत अच्छा लगा फिल्म देखकर, ये हक सबको मिलना चाहिए। मेरे साथ भी वही हुआ।

महिला को रोते देख यामी गौतम ने उनकी हिम्मत बांधी और कहा- आप हिम्मत रखिए, हमसे जो बन पड़ेगा हम करेंगे। कई बार अच्छी फिल्मों से कुछ अच्छा हो जाता है समाज में। अच्छा ही होगा। इस पर महिला ने कहा, ये मेरे लिए भी है। मैं भी ऐसे लड़ सकती हूं। मुझे बहुत हिम्मत मिली।

इसके बाद महिला ने एक्ट्रेस यामी गौतम को गले लगा लिया। इस दौरान इमरान हाशमी भी महिला के पास खड़े नजर आए।

विवादों के बाद 7 नवंबर को रिलीज हुई है फिल्म हक

फिल्म हक शाहबानो केस पर बनी है, जिन्होंने 1970 में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की मांग करते हुए राष्ट्रीय बहस छेड़ दी थी। फिल्म रिलीज से पहले शाहबानो की बेटी सिद्दीका ने फिल्म की रिलीज रोके जाने की मांग करते हुए इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है और साथ ही फिल्म के मेकर्स को लीगल नोटिस भेजा था।

शाहबानो की बेटी सिद्दिका बेगम खान के वकील तौसिफ वारसी ने याचिका में कहा कि फिल्म से मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी क्योंकि फिल्म में शरिया कानून की नकारात्मक छवि पेश की गई है। याचिका में ये भी कहा गया है कि मेकर्स ने शाहबानो पर फिल्म बनाने से पहले उनकी कानूनी वारिस से किसी तरह की इजाजत नहीं ली।

6 नवंबर को शाहबानो की बेटी की याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मेकर्स ने तर्क दिया कि फिल्म हक “बायोपिक’ नहीं है, बल्कि अंग्रेजी किताब “बानोः भारत की बेटी’ पर आधारित एक काल्पनिक रूपांतरण है।

इंदौर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का निजता और प्रतिष्ठा का अधिकार उसकी मृत्यु के साथ समाप्त हो जाता है। इन्हें वारिस नहीं पा सकते।

गुरुवार को अपने फैसले में जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा- ‘जब कोई व्यक्ति जीवित नहीं रहता, तो उसकी प्राइवेसी और प्रतिष्ठा का अधिकार भी समाप्त हो जाता है।



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