Nagpur violence FIR against Minorities Democratic Party leader Faheem Khan on charges of sedition
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Nagpur violence FIR against Minorities Democratic Party leader Faheem Khan on charges of sedition

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Faheem Khan Sedition Case: औरंगजेब का पुतला जलाने को लेकर नागपुर में हुई हिंसा के बाद पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। नागपुर हिंसा को लेकर पुलिस अब तक पांच FIR दर्ज कर चुकी थी लेकिन अब साइबर पुलिस ने भी गुरुवार को चार नई FIR दर्ज की हैं। इनमें से एक FIR में देशद्रोह के आरोप भी हैं।

एक ताजा FIR में माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष फहीम खान और पांच अन्य लोगों पर देशद्रोह के आरोप लगाए गए हैं। यह FIR सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज की गई है। देशद्रोह का आरोप भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 152 (भारत की संप्रभुता को खतरे में डालना और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने) के तहत आता है।

फहीम खान को बताया था मास्टरमाइंड

पुलिस ने इससे पहले कहा था कि फहीम खान नागपुर में हुई हिंसा का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने उसका एक वीडियो भी जारी किया था जिसमें हिंसा से ठीक पहले खान को भड़काऊ भाषण देते हुए देखा गया था। इस बीच, पुलिस ने कुछ इलाकों से कर्फ्यू को हटा लिया है।

डीसीपी (साइबर) लोहित मातानी ने बताया कि फहीम खान ने औरंगज़ेब की कब्र को हटाने की मांग के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के एक वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और इसके जरिए पुलिस पर पथराव को बढ़ावा मिला।

बताना होगा कि फहीम खान का नाम हिंसा से जुड़ी पहली FIR में भी दर्ज है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है और उसकी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जब्त कर लिया गया है। चार नई FIR के बारे में डीसीपी मातानी ने बताया कि इनमें 50 से ज्यादा सोशल मीडिया प्रोफाइल वालों के नाम दर्ज हैं।

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किस अपराध में दर्ज की गई FIR?

पहली FIR ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स चलाने वालों के खिलाफ है जिन्होंने औरंगज़ेब की कब्र को हटाने की मांग के विरोध में हुए प्रदर्शन के वीडियो शेयर किए। दूसरी FIR हिंसा भड़काने वाले वीडियो पोस्ट और शेयर करने वालों के खिलाफ दर्ज की गई है। तीसरी FIR ऐसे लोगों के खिलाफ है जिन्होंने हिंसा से जुड़े वीडियो शेयर किए हैं जबकि चौथी FIR हिंसा का महिमामंडन करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ दर्ज की गई है।

VHP, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर सख्ती

पुलिस ने बताया है कि इन FIR में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स भी शामिल हैं, उन पर यह आरोप है कि वे कथित तौर पर हिंसा भड़काने में शामिल थे। डीसीपी मातानी ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई और इस वजह से हिंसा भड़की। अफवाह फैलाने में नागपुर से बाहर के कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी भूमिका है।

कौन है नागपुर हिंसा का मास्टरमाइंड फहीम खान?

पुलिस ने मेटा, एक्स (X) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 230 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिंक भेजे हैं और उनसे कहा है कि नागपुर हिंसा से संबंधित कुछ कंटेंट को हटा दिया जाए।

नागपुर के पुलिस आयुक्त रवींद्र कुमार सिंगल ने बताया कि फहीम खान नागपुर हिंसा के मुख्य आरोपियों में से एक है। सिंगल ने कहा, ‘खान को कुछ संवेदनशील इलाकों में देखा गया था। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि वह किसी साजिश में शामिल था या नहीं। उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।’

80 से ज्यादा लोग हिरासत में, 11 नाबालिग भी शामिल

सिंगल ने बताया कि हिंसा के मामले में अब तक पुलिस ने 80 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और इनमें 11 नाबालिग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा में अभी तक किसी की मौत नहीं हुई है और घायलों का इलाज चल रहा है।

इन इलाकों में मिली कर्फ्यू में छूट

गुरुवार दोपहर 2 बजे तक कुछ इलाकों जैसे नंदनवन और कपिल नगर से कर्फ्यू पूरी तरह हटा लिया गया। वहीं, लकड़गंज, शांतिनगर और इमामवाड़ा में हर दिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक आवश्यक चीजें खरीदने के लिए छूट दी जाएगी। पुलिस ने बताया है कि कोतवाली, तहसील और गणेशपेठ के इलाकों में कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा।

प्रशासन को शुरुआती जांच में पता चला है कि हिंसा में 60 से ज़्यादा वाहनों में तोड़फोड़ की गई। हिंसा के दौरान दो क्रेनों में आग लगा दी गई, जिससे एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को 70 लाख रुपए का नुकसान हुआ।





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