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PPF सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाले सबसे पसंदीदा निवेशों में से एक है। यदि आपके पास हर साल PPF में ₹1.5 लाख निवेश कर सकते हैं, तो क्या इस बात से फर्क पड़ता है कि आप पूरा पैसा अप्रैल की शुरुआत में एकमुश्त जमा करते हैं या हर महीने किस्तों में? जवाब है- हां, निवेश के समय से आपके फाइनल कॉर्पस यानी कुल फंड पर बड़ा असर पड़ता है। अभी PPF पर सरकार 7.1% सालाना की दर से ब्याज दे रही है, जिसकी गणना सालाना आधार पर कंपाउंड यानी चक्रवृद्धि होती है। हालांकि, ब्याज की मासिक गणना एक विशेष नियम के तहत होती है, जिसे समझना हर निवेशक के लिए जरूरी है। PPF में ब्याज की गणना कैसे होती है? PPF नियमों के अनुसार, महीने का ब्याज उस रकम पर मिलता है जो महीने की 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच खाते में सबसे कम रही हो। इसका मतलब यह है कि यदि आप किसी भी महीने की 5 तारीख के बाद पैसा जमा करते हैं, तो उस महीने के लिए आपको उस जमा राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। इसलिए, पूरे वित्त वर्ष का अधिकतम लाभ उठाने के लिए अप्रैल महीने की 5 तारीख से पहले निवेश करना सबसे अहम माना जाता है। अप्रैल में एक साथ बनाम मासिक किस्त: 15 साल में कितना अंतर? यदि कोई निवेशक 15 साल की मैच्योरिटी अवधि तक हर साल ₹1.5 लाख का अधिकतम निवेश करता है, तो दोनों तरीकों में निवेश की गई कुल मूल राशि ₹22.5 लाख ही होगी। लेकिन ब्याज के कारण कुल फंड में अंतर आ जाएगा: इस तरह, केवल अप्रैल की 5 तारीख से पहले पूरा पैसा जमा कर देने से 15 साल में आपको लगभग ₹1.20 लाख अधिक रिटर्न मिलता है। PPF में अप्रैल में एक साथ बनाम मासिक किस्त का गणित नोट: ये टेबल एक मोटे अनुमान के हिसाब से दी गई है क्योंकि PPF पर मिलने वाले ब्याज की समीक्षा हर 3 महीने में होती है। महीने की 5 तारीख क्यों है सबसे महत्वपूर्ण? अगर आप एकमुश्त पैसा जमा न करके हर महीने ₹12,500 जमा कर रहे हैं, तब भी आपको इस तारीख का ध्यान रखना जरूरी है। यदि आप किसी महीने 6 तारीख को पैसा ट्रांसफर करते हैं, तो उस पैसे पर उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा। वह राशि अगले महीने की 5 तारीख के बाद ही ब्याज गणना में शामिल होगी। इसलिए मासिक किस्त वाले निवेशकों को भी हमेशा महीने की 1 से 4 तारीख के बीच पैसा जमा कर देना चाहिए। PPF स्कीम के मुख्य नियम कौन खोल सकता है PPF अकाउंट? कोई भी व्यक्ति किसी पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपने नाम पर यह अकाउंट खोल सकता है। इसके अलावा नाबालिग की तरफ से किसी और व्यक्ति द्वारा भी से खाता खोला जा सकता है।
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