तिहरे हत्याकांड में पुलिस की शुरुआती जांच और घटनास्थल के हालात के बीच कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस आपसी विवाद के बाद हत्या की आशंका जता रही है। वहीं, कमरे की स्थिति किसी और कहानी की ओर इशारा कर रही है। घटनास्थल से शराब की बोतल मिली है। इससे आशंका है कि वारदात से पहले कमरे में शराब पार्टी हुई थी।
सवाल यह है कि अगर कमरे में शराब पीने के दौरान विवाद हुआ और तीनों की सिलिंडर से वारकर हत्या की गई तो पास के कमरों में रहने वाले किरायेदारों को भनक क्यों नहीं लगी? मकान की दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदारों ने चीख-पुकार या जोरदार आवाज सुनने से क्यों इन्कार किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के समय कमरे में कितने लोग मौजूद थे? क्या हत्या के बाद किसी ने घटनास्थल को व्यवस्थित करने या सबूत मिटाने की कोशिश की है? कमरे की हालत संकेत दे रही है कि वहां संघर्ष हुआ होगा। एसओजी भी मामले की पड़ताल में जुटी है। रेलवे स्टेशन के आसपास घूमने वाले लोगों को मृतकों की फोटो दिखाकर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की जांच सीसीटीवी पर भी टिकी
घटनास्थल वाली गली के ठीक सामने दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें मकान का हिस्सा कवर हो रहा है। पुलिस इन कैमरों की पिछले एक हफ्ते से रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। सोमवार रात मकान में कौन-कौन आया? वारदात के बाद कौन वहां से निकला?